लॉकडाउन को लेकर हैं कई सवाल, क्‍या है इनका मतलब ?

रविवार को एक दिन में तीन मौतें, कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते कहर की वजह से अब पूरा भारत मानो बंद है। 75 जिलों में केंद्र ने लॉकडाउन किया।
इसके बाद दिल्ली, बंगाल, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र की राज्यों सरकारों ने भी सावधानी बरतते हुए 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया। बावजूद इसके लोग इसका पालन नहीं कर रहे। इसे देखते हुए अब मोदी सरकार ने सख्त एक्शन के निर्देश दिए हैं। फिलहाल लोगों के मन में लॉकडाउन को लेकर कई सवाल हैं। लॉकडाउन होता क्या है, इसमें क्या बंद रहेगा, क्या खुलेगा आदि सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे।
लॉकडाउन का मतलब क्या है?
आसान भाषा में लॉकडाउन वह स्थिति है जब लोगों को एक सीमित जगह से बाहर जाने से रोक दिया जाता है। पूरी तरह से लॉकडाउन का मतलब यही है कि आप जहां पर हैं, वहीं रहें। इसमें आपको किसी बिल्डिंग, इलाके, या राज्य, देश तक सीमित किया जा सकता है।
लॉकडाउन में सब बंद हो जाता है?
लॉकडाउन के दौरान सामान्य तौर पर जरूरी चीजों की सप्लाई नहीं रोकी जाती। जैसे किराना स्टोर, मेडिकल से जुड़ी चीजें, बैंक चलते रहते हैं। गैर जरूरी गतिविधियों को रोक दिया जाता है। यात्रा पर रोक इसमें अहम है। यातायात के सार्वजनिक साधनों को इसमें बंद किया जाता है।
लॉकडाउन में क्या करना है?
लॉकडाउन के दौरान लोग अपने घरों से तभी निकलें, जब बहुत जरूरी हो। इसके अलावा दूसरे कामकाज की इजाजत नहीं होगी। लॉकडाउन के दौरान अगर आवश्यक सेवाओं के दायरे में न आने वाली कोई कंपनी खुली रहती है, तो उस पर सख्त एक्शन होगा।
घर पर रहेंगे तो नौकरी का क्या होगा?
भारत की बात करें तो प्राइवेट कंपनियों को सख्त ऑर्डर है कि वे कर्मचारियों से घर से काम करवाएं। दिहाड़ी मजदूरों को केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी तरफ से आर्थिक सहायता देने की बात कही है। यह भी आदेश है कि कंपनियां इस दौरान सैलरी नहीं काट सकतीं।
केंद्र ने 75 जिलों में किया लॉकडाउन
जनता कर्फ्यू के दिन ही मोदी सरकार ने फैसला किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 75 जिलों में लॉकडाउन किया जाएगा। इसमें वे जिले शामिल थे जहां कोरोना के पॉजेटिव मामले सामने आए थे। इसमें देश के ज्यादातर बड़े शहर शामिल थे।
राज्य सरकारों ने भी किया लॉकडाउन
75 जिलों में लॉकडाउन के बाद कुछ राज्य सरकारों ने भी इसका पालन किया। दिल्ली सरकार ने करीब 6 बजे 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इस दौरान यातायात बंद रहेगा, मेट्रो भी बंद। महाराष्ट्र ने भी सभी शहरों में धारा 144 लगा दी। इसके बाद मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब ने भी खुद को 31 मार्च तक के लिए बंद कर लिया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने 16 जिलों में लॉकडाउन किया। वहीं बंगाल, ओडिशा ने अपने 40 प्रतिशत इलाकों में पाबंदियां लगा दी हैं।
क्या चीजें इकट्ठा करके रख लें?
लॉकडाउन से डरने की जरूरत नहीं है। ना ही इस दौरान चीजों को बहुत सारी मात्रा में इकट्ठा कर ले। सरकार ने रोज काम आने वाली चीजों को बंद नहीं किया है। हां स्टॉक दुकानों पर कम मिलेगा, क्योंकि ट्रांसपोर्ट पर बहुत पाबंदी है। ऐसे में चीजें इकट्ठा करेंगे तो दूसरों को दिक्कत होगी।
कोरोना का खतरा कहां तक पहुंचा
इंडियन सेंटर फॉर मेडिकल रिसर्च की मानें को फिलहाल कोरोना वायरस अपनी दूसरी स्टेज में है। यानी अभी विदेश से आए लोगों और उनसे मिले लोगों को ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। अगर यह स्टेज तीन में पहुंचा तो स्थिति खराब होगी क्योंकि तब लोकल ट्रांसमिशन शुरू हो जाएगा। यह हो रहा है या नहीं मंगलवार को इसका पता चलेगा।
इमर्जेंसी हुई तो क्या करें
केंद्र और राज्य सरकारों ने आपातकाल स्थिति के लिए मेडिकल सेवाएं चालू रखी हैं। हॉस्पिटल, फार्मसी चालू रहेंगी। कुछ भी दिक्कत होने पर संबंधित नबंर्स पर फोन कर सकते हैं।
क्या लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाएगा?
फिलहाल केंद्र सरकार ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। सब स्थिति के हिसाब से तय होगा। 75 जिलों की लिस्ट जारी करते हुए केंद्र सरकार ने सिर्फ इतना कहा था कि 31 मार्च तक लॉकडाउन है। साथ ही कहा था कि राज्य सरकार अपने हिसाब से इन जिलों को बढ़ा सकती हैं।
-एजेंसियां

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