दुनिया की सबसे बड़ी और भारी भगवद्गीता आ रही है भारत, पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया था, उसे ही आज हम श्रीमद्भगवत गीता के नाम से जानते हैं। वैसे तो आपने भगवद्गीता की कई सारी किताबें पढ़ी होंगी, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे बड़ी और भारी भगवद्गीता कौन सी है और कहां है? इसके वजन के बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे।
दरअसल, दुनिया की सबसे वजनी भगवद्गीता इटली के मिलान शहर में बनी है और अब इसे समुद्र के रास्ते भारत लाया जा रहा है। गीता जयंती के मौके पर दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में इसका विमोचन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। इस दौरान इस्कॉन दिल्ली के प्रभारी गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज और कुरुक्षेत्र के प्रभारी साक्षी गोपाल दास महाराज भी पीएम के साथ होंगे।
अभी तक तो यह ‘गीता’ इटली में ही आकर्षण का केंद्र रही है और अब यह भारत में भी अपनी चमक बिखेरेगी। दुनिया की सबसे वजनी इस गीता की वजन 800 किलो है। संस्कृत भाषा में तैयार इस किताब में कुल 670 पेज हैं। इसे बनाने में करीब 2.5 साल का लंबा वक्त लगा है।
हैरानी की बात तो ये है कि यह इतना भारी है कि इसके एक पन्ने को ही पलटने के लिए 4 लोगों की जरूरत होती है। इस्कॉन मंदिर (अहमदाबाद) के प्रमुख जशोमतिनंदन दास ने बताया कि इस भगवद् गीता को बनाने में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
फिलहाल इस महाग्रंथ को दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में ही रखा जाएगा, लेकिन बताया जा रहा है कि 2020 के बाद इसे कुरुक्षेत्र में बन रहे श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में स्थापित किया जा सकता है। इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की ओर से गीता प्रचार के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह प्रकाशित कराई गई है। संस्था से जुड़े वेदांत बुक ट्रस्ट ने ही इसकी छपाई की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह महाग्रंथ सिंथेटिक के मजबूत कागज से तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि इस पर कई प्रकार की धातु लगाई गई है, जिसमें प्लेटिनम, सोना और चांदी मुख्य हैं। इसके अलावा इसके कवर को स्वर्णिम धातु से तैयार किया गया है।
-एजेंसियां

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