अमरीका ने Iran पर लगाए नए प्रतिबंध

The US imposed new sanctions on Iran
अमरीका ने Iran पर लगाए नए प्रतिबंध

अमरीका ने Iran पर हाल में किए बैलिस्टिक मिलाइल के परीक्षण के बाद नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. अमरीकी प्रशासन का कहना है कि ईरान चरमपंथियों की मदद कर रहा है.
डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार किसी देश पर लगे इन प्रतिबंधों के तहत 12 कंपनियों के साथ ही ईरान और दूसरे देश में रह रहे 13 लोगों को निशाना बनाया गया है.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने कहा है, “इस क़दम से यह साफ हो गया है कि ओबामा प्रशासन के साथ ईरान की जो परमाणु संधि हुई थी वो देशहित में नहीं थी. राष्ट्रपति ईरान को उसकी सीमा में रखना चाहते हैं.”
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्विटर पर ईरान को चेतावनी दी थी और लिखा था, “ईरान आग से ख़ेल रहा है. ओबामा प्रशासन उनके देश के प्रति कितना उदार था वो इसका महत्व नहीं समझते, लेकिन मैं ऐसा नहीं हूं.”
अमरीकी वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन स्मिथ के अनुसार ईरान की हरकतें पूरे इलाक़े, अमरीका के सहयोगियों और ख़ुद अमरीका के लिए ख़तरा पैदा कर रही हैं.
ट्रंप के ट्वीट का उत्तर ईरान के विदेश मंत्री जावेज ज़रीफ़ ने ट्वीट में दिया. उन्होंने लिखा, “अमरीका पर ख़तरे से ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ता और वो कभी भी पहले युद्ध शुरू नहीं करेंगे, लेकिन हम अपनी सुरक्षा के लिए अपने बनाए हथियारों पर ही यकीन कर सकते हैं.”
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “हम देखना चाहते हैं कि जो हमारी शिकायत कर रहे हैं वो भी यही बात कह सकें.”
इससे पहले ईरान की संसद के स्पीकर अली लाजीरानी ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय कूटनीती में ईरान की कोशिशें अन्य ‘बड़े देश’ से बेहतर हैं जो ‘बचपना’ दिखा रहे हैं.
उन्होंने कहा, “आज हमारी सरकार स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने राजनीतिक व्यवहार में परिपक्व है और सोच विचार कर फ़ैसले ले रही है जो महत्वपूर्ण बात है. इसके मुकाबले कुछ देश बचकाना बातें कर रहे हैं. जिस तरह से ये देश ख़ुद को पेश कर रहे हैं, उसमें बचपना साफ़ दिख रहा है. वो कोई बड़े देश हो सकते हैं, लेकिन उनका व्यवहार और बातें अपरिपक्व हैं.”
इधर न्यूयॉर्क के दौरे पर गए जर्मनी के विदेश मंत्री जिगमार गाब्रिएल ने कहा है कि ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर सुरक्षा परिषद प्रस्ताव का उल्लंघन किया है लेकिन इससे परमाणु कार्यक्रम को ले कर अंतर्राष्ट्रीय समझौते पर कोई असर नहीं पड़ा है.
उन्होंने कहा, “ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन किया है इसलिए आप अमरीकी प्रतिक्रिया समझ सकते हैं लेकिन ये बात स्पष्ट है कि परीक्षण का परमाणु समझौते पर कोई असर नहीं पड़ा है, और हम इस समझौते को लागू करने का समर्थन करते हैं ,फिलहाल अमरीका भी इस समझौते पर सवाल नहीं उठा रहा है.”
-एजेंसी

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