निजाम के गोल्डन टिफिन बॉक्स में रोज लंच करते थे चोर

हैदराबाद। हैदराबाद के निजाम म्यूजियम से बेशकीमती चीजों की चोरी के मामले में पुलिस की तफ्तीश के दौरान दिलचस्प खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में पकड़े गए आरोपी रोजाना निजाम के गोल्डन टिफिन बॉक्स में लंच का लुत्फ उठाते थे। हैदराबाद पुलिस ने 2 सितंबर को हुई इस सनसनीखेज चोरी का पर्दाफाश करने का दावा किया है।
गोल्डन टिफिन में रोज लंच करता था चोर
पुलिस के मुताबिक फिल्मी स्टाइल में चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद वे फरार होकर मुंबई पहुंच गए। यहां दोनों आरोपी शानोशौकत की जिंदगी गुजार रहे थे। पकड़े जाने से पहले वे एक लग्जरी होटल में रुके हुए थे। 4 किलोग्राम सोने और हीरा, माणिक-पन्ना जड़ित यह टिफिन निजाम की वैभवशाली विरासत का प्रतीक है। करोड़ों की कीमत वाले टिफिन बॉक्स का शायद निजाम ने इस्तेमाल नहीं किया था लेकिन पुलिस की गिरफ्त में आया एक चोर रोजाना इसमें खाना खाता था।
पुलिस के मुताबिक 2 सितंबर को गैंग के दो सदस्य एक वेंटिलेटर (हवा के लिए रोशनदान) के रास्ते पुरानी हवेली के ओल्ड क्वॉर्टर में घुसे थे। उन्होंने लोहे की ग्रिल को तोड़कर म्यूजियम में प्रवेश का रास्ता बनाया। वारदात की छानबीन के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। परिसर के अंदर लगे 32 कैमरों को पुलिस ने खंगाला। पुलिस ने इस दौरान 22 टीमों का गठन किया। पुलिस ने करीब 300 टावरों से डेटा की छानबीन की।
चारमीनार के पास विडियो से मिला सुराग
तफ्तीश में जुटी पुलिस को उस वक्त बड़ा सुराग मिला, जब चारमीनार इलाके के एक वीडियो सामने आया। इसमें बाइक पर बैठे दो लोग दिखे, जिनकी बाइक के रेडिएटर से एक पत्थर टकरा गया था। करीब के ही जहीराबाद जिले में जब एक लावारिस बाइक बरामद हुई, तो पुलिस का शक गहरा गया। इस बाइक के रेडिएटर में भी यही समस्या थी। बाइक छोड़ने के बाद दोनों चोर मुंबई फरार हो गए थे।
मुंबई के फाइव स्टार होटेल में ठहरे
यहां वह एक फाइव स्टार होटेल में ठहरे हुए थे। दो दिन के लिए दोनों चोरों ने होटेल में आलीशान जिंदगी गुजारी। सुराग मिलने के बाद पुलिस उनकी तलाश में मुंबई पहुंच गई और यहां दोनों पकड़े गए। दोनों आरोपियों को हैदराबाद लाया गया है।
निजाम म्यूजियम में 450 चीजें
पुलिस को अंदेशा था कि इस चोरी में म्‍यूजियम के किसी वर्तमान या पूर्व कर्मचारी का हाथ हो सकता है। बता दें कि इस म्‍यूजियम में वर्तमान समय में 450 चीजें प्रदर्शित की गई हैं, जिसमें से कई निजाम सप्‍तम और मीर महबूब अली खान की हैं। इन सामानों की अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में कीमत 250 से 500 करोड़ रुपये के बीच है।
1967 में निजाम मीर उस्मान अली खान की मौत के बाद उनसे जुड़ी कई चीजें अवैध रूप से देश के बाहर ले जाई गई थीं। हेरिटेज विशेषज्ञों का मानना है कि आर्ट ऐंड क्राफ्ट्स की 60 हजार से ज्यादा कलाकृतियां, जूलरी, क्रॉकरी, झूमर, जूते, हीरे, कीमती पत्थर और फर्नीचर तक को अवैध तरीके से देश के बाहर ले जाया गया। निजाम के पास 400 टन सोना और 350 किलोग्राम बेहतरीन क्वॉलिटी के हीरे थे।
8 हजार करोड़ की गोल्ड मोहर
शहर के इतिहासकार और जाने-माने मुद्राशास्त्री डॉ. मोहम्मद सैफुल्लाह ने कहा कि 1986 में जब सोने की मोहर स्विट्जरलैंड में नीलामी के लिए रखी गई थी तो उसकी शुरुआती कीमत 83 लाख यूएस डॉलर आंकी गई थी। उन्होंने कहा, ‘उस समय इसकी नीलामी नहीं हो पाई थी और उसके बाद इसे किसी ने नहीं देखा। ऐसी प्राचीन विरासतों के क्रेज को देखते हुए इन चीजों की कीमत हर दो सालों में दो से चार गुनी हो जाती है। उस मोहर का वजन 11.193 किलोग्राम था और वह दुनिया का सबसे बड़ा सोने का सिक्का था।’ आज के हिसाब से उस मोहर की कीमत 8 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।
2 हजार करोड़ का निजाम डायमंड
निजाम डायमंड लगभग दो शताब्दी पहले महबूबनगर में पाया गया था। उस समय इसका वजन 340 कैरेट था। वहीं सात दशक पहले जब यह गायब हुआ तो इसका वजन 270 कैरेट था। इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में 2 हजार करोड़ आंकी गई है। बात करें सिकंदर जहां के जूतों की तो वे दुनिया के 10 सबसे महंगे जूतों में से एक थे। इन पर हीरे जड़े थे और इन्हें सोने के धागों से बनाया गया था।
-एजेंसियां

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