पद्म पुरस्‍कार प्राप्‍त दिवंगत लेखक के घर से खाली हाथ लौटे चोर

पुणे। पद्मभूषण से सम्मानित मराठी के दिवंगत लेखक पी एल देशपांडे के दो फ्लैट्स में चोरी की कोशिश की गई। फ्लैट में घुसे चोरों को किताबों और चिट्ठियों के बीच कुछ भी ले जाने लायक नहीं मिला और वे खाली हाथ वापस लौट गए।
देशपांडे के रिश्तेदारों ने बताया कि पुणे में उनके दो फ्लैट्स हैं। चोर उनका ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने पूरे फ्लैट में चुराने लायक सामान ढूंढा लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।
उनके भतीजे दिनेश ठाकुर ने बताया कि चोरों ने अलमारियों के ताले तोड़ दिए। अलमारी के अंदर देशपांडे के लिखे हुए पत्र और किताबें मिलीं। दिनेश ने कहा कि ये सब भले ही उनके लिए बहुमूल्य हो, चोरों के लिए ये सब किसी काम का नहीं था। इसलिए वे सब छोड़ गए।
इमारत में रहनेवाले बाकी लोगों ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना उसी दिन दे दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि चोरों ने इन्हीं दोनों फ्लैट्स में 2012 में भी चोरी की कोशिश की थी। ये दोनों फ्लैट्स देशपांडे की पत्नी के निधन के बाद से खाली हैं।
पुलिस ने बताया कि वह उस क्षेत्र में गश्त बढ़ाएगी। डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस बस्वराज तेली ने कहा कि वह अपार्टमेंट में आने-जाने वाले लोगों का रजिस्टर बनाकर रखेंगे।
प्यार से ‘पू ला’ कहे जाने वाले देशपांडे को मराठी के पाठकों से खूब प्यार मिला। वह नाटककार, अभिनेता, संगीत निर्देशक, गायक और निर्देशक भी रहे। कई बेस्ट-सेलर किताबों को लिखने के अलावा उन्होंने खुद निर्देशित की कई फिल्मों में काम भी किया। उन्होंने अपना आखिरी समय पुणे में बिताया और 12 जून 2000 में उनका निधन हो गया।
-एजेंसी