तालिबान ने मानवाधिकारों को ख़त्म करने में जरा भी देरी नहीं की

प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने तालिबान पर देश की बागडोर संभालने के बाद से आम लोगों पर कई तरह के अत्याचार करने का आरोप लगाया है.
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल और दो अन्य संगठनों ने कहा है कि तालिबान ने मानवाधिकारों को ख़त्म करने में जरा भी देरी नहीं की.
मानवाधिकार हनन के कुछ मामलों का पहले ही जिक्र किया जा चुका है लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि बड़े स्तर पर हो रहे उत्पीड़न का ये छोटा सा हिस्सा भर है.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने तालिबान पर आरोप लगाया है कि पिछले 20 सालों में जो भी सुधार किए गए थे, उन्हें लगातार ख़त्म किया जा रहा है.
एमनेस्टी ने तालिबान पर आम नागरिकों और आत्मसमर्पण करने वाले सैनिकों की हत्या करने, मानवीय सहायता रोकने और लोगों की, ख़ासतौर पर महिलाओं आज़ादी पर बंदिशें लगाने का इलज़ाम लगाया है.
एमनेस्टी के बयान में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में पत्रकारों, प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं. तालिबान ने जतलाने की कोशिश की है कि वे पिछली बार से बदल गए हैं लेकिन ये रिपोर्ट उनके दावे के उलट इशारे करती है.
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *