कश्मीर के Separatists की सुरक्षा वापस ली जाए: हिन्दू जनजागृति

आगरा। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों पर 14 फरवरी को कायराना हमला किया इसके लिए जिम्‍मेदार पाकिस्‍तान को सबक सिखाने के साथ साथ कश्‍मीरी separatists से सारी सुविधाऐं वापस लेकर उन्‍हें भी जेल में डाला जाना चाहिए।

इसके पहले आतंकवादियों ने उरी के सैनिक शिविर पर आक्रमण किया था । इसके उत्तर में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान को पाठ पढाने के लिए सितंबर 2016 में ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ कर, पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के अनेक अड्डे ध्वस्त किए थे।

इसके पश्‍चात भी पाकिस्तान के आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ। आतंकवादी कृत्य लगातार हो रहे हैं, जिसमें हमारे अनेक सैनिक हताहत हो रहे हैं। आतंकवादियों और पाकिस्तानी सैनिकों का भारतीय सैनिकों को मारना, यह पाकिस्तान का अघोषित युद्ध का ही अंग है। इस प्रकार देश की संप्रभुता को ललकारनेवाले और देश को विश्‍व में अपकीर्त करनेवाले पाकिस्तान की चुनौती का प्रखर उत्तर भारतीय शासक दें, यह अब काल की आवश्यकता है। अब और कितने सैनिक हुतात्मा होने पर भारतीय शासक नींद से जागेंगे ?
केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में सैनिकों की इसी प्रकार बलि चढ़ती रही तो निकट भविष्य में सैनिकों के साथ-साथ पूरे देश में अस्थिरता का वातावरण बनने में समय नहीं लगेगा। इसलिए केंद्रशासन को चाहिए कि वह जनभावना को ध्यान में रखते हुए आतंकवाद के केंद्र पाकिस्तान के विरुद्ध तुरंत कठोर कार्यवाही कर उसे समाप्त ही करे।

यह मांग हिन्दू जनजागृति समिति के ठाकुर सिंह ने की। पुलवामा में हुए आतंकवादी आक्रमण की निंदा करने के लिए हिन्दू जनजागृति के कार्यकर्ताओं ने निषेध प्रदर्शन किया तथा सिटी मजिस्ट्रेट प्रभाकांत अवस्थी को ज्ञापन दिया।

अमेरिकी नागरिकों पर आक्रमण होने की केवल सूचना मिलने पर अमेरिका ने 20 मुसलमान देशों के दूतावास बंद किए थे। इसलिए, इस घटना का अध्ययन कर अब भारत अनेक स्तरों पर पाकिस्तान को उसका स्थान दिखा दे। भारतीय सैनिकों की बलि लेनेवाले पाकिस्तान से अब भारत को किसी प्रकार की बात नहीं करनी चाहिए। अब उसके विरुद्ध सीधे सैनिक कार्यवाही ही की जाए, यह मांग इस आंदोलन में की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »