डेरा सच्‍चा सौदा में सर्च ऑपरेशन लगभग पूरा, कई सनसनीखेज खुलासे हुए

सिरसा। डेरा सच्‍चा सौदा में तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन लगभग पूरा हो गया है। 99 फीसदी सर्च ऑपरेशन पूरा होने की सूचना है। अंतिम दौर में डेरे के दो सेक्‍टरों में सर्च चल रहा है। डेरे में रेस्‍टोरेंटों में भी तलाशी ली गई है। बताया जाता है कि इसमें कई अहम जानकारियां मिली हैं। डेरे की अब तक की तलाशी में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं और कई राज से पर्दा उठा है।
अभी थोड़ी देर पहले कोर्ट कमिश्‍नर एकेएस पंवार ने डेरे का दौरा किया। उन्‍होंने सर्च ऑपरेशन का निरीक्षण किया। इसके बाद वह बाहर आ गए। वह सर्च ऑपरेशन के बारे में अफसरों से चर्चा कर इस पर फैसला करेंगे। तीसरे दिन भी नर कंकालों की तलाश के लिए खोदाई की तैयारी की गई। आगे खोदाई करनी है या नहीं, इस बारे में कोर्ट कमिश्‍नर निरीक्षण के बाद निर्णय करेंगे। आज डेरे में अर्द्ध सैनिक बलों और पुलिस की कई टीमें गईं। डेरे के अंदर थोड़ी देर पहले एक एंबुलेंस भी भेजी गई। इस बारे में पता नहीं चला है कि एंबुलेंस क्‍यों भेजी गई।
अंतिम दौर में सर्च ऑपरेशन, कोर्ट कमिश्‍नर ने अफसरों के संग की समीक्षा बैठक
जनसंपर्क विभाग के डिप्‍टी डायरेक्‍टर सतीश मेहरा के अनुसार डेरा सच्‍चा सौदा में सर्च ऑपरेशन का कार्य 99 फीसद पूरा हो गया है। दूसरी ओर कोर्ट कमिश्‍नर ए. के. एस. पंवार ने प्रशासनिक अफसरों और डेरों में सर्च ऑपरेशन के लिए नियुक्‍त किए सेक्‍टर इंचार्जों के साथ बैठक की। इस बैठक में अब तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन की समीक्षा की गई।
सूत्रों के अनुसार सर्च ऑपरेशन करीब-करीब पूरा हो गया है और इसे दो-तीन घंटे में अभी खत्‍म किया जा सकता है। यदि कहीं और सर्च की जरूरत हुई तो कोर्ट कमिश्‍नर इस पर फैसला करेंगे। उस क्षेत्र में उसके बाद सर्च की जाएगी। इसके साथ ही सर्च ऑपरेशन को लेकर रिपोर्ट बनाने का कार्य भी शुरू होने की सूचना है।
दूसरे दिन के सर्च ऑपरेशन में कई सनसनीखेज खुलासे हुए थे। गुरमीत राम रहीम के बहुचर्चित गुफा के कई राज खुले। गुफा से गर्ल्‍स हॉस्‍टल और साध्‍वी निवास तक जाने वाला गुप्‍त रास्‍ता मिला और साथ ही डेरे में भारी हथियार होने के निशान भी मिले। प्रशासन और जांच टीमों को आज भी डेरे के कई सनसनीखेज खुलासे होने की उम्‍मीद है।
नरकंकालों की तलाश के लिए डेरे के बाग में शनिवार को लगभग तीन घंटे खोदाई की गई, हालांकि कुछ मिला नहीं। आज भी खोदाई जारी रहेगी। इसके लिए भूगर्भ की जांच करने वाली टीमों को भी बुलाया गया है। इस टीम के पास ऐसी मशीनें भी है, जो धरती में छुपी किसी भी चीज की जानकारी दे सकती है। आज बाग के अलावा गुफा के आसपास व दूसरे खाली मैदानों में भी खोदाई होगी।
डेरे के अंदर स्थित अस्‍पताल और क्लिनिक की जांच में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब जांच के लिए यहां पहुंची तो अस्पताल के पास डेड बॉडियां मेडिकल कॉलेजों को भेजने का पूरा रिकार्ड नहीं था और न ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस संबंध में संतोषजनक जानकारियां दे पाया। एमटीपी से संबंधित औपचारिकताएं भी यहां पूर्ण नहीं पाई गईं।
विस्‍फोटक की फैक्‍टरी सील, गुरमीत राम रहीम की गुफा में मिले एके 47 राइफल की मैगजीन के बाक्‍स
दूसरे दिन के सर्च ऑपरेशन के दौरान गुफा में एके 47 राइफल की मैगजीन के खाली बाक्‍स मिले। डेरा परिसर में विस्‍फोटक और पटाखा बनाने की फैक्‍टरी मिली। वहां से भारी मात्रा में विस्‍फोटक और पटाखे मिले। डेरा में कई सुबूत मिटाए जाने और आपत्तिजनक वस्‍तुओं को हटाने के संकेत भी मिले हैं।
शाम के समय डेरे के बड़े सरोवर में कुछ संदेहास्‍पद वस्‍तुएं होने की संभावना के मद्देनजर गोताखोरों ने जांच की। सरोवर में छह से अधिक गोताखोर उतरे। यहां आज भी तलाशी होगी। इसके अलावा पानी के टैकों में भी तलाशी की गई।
तिलिस्‍म से कम नहीं गुरमीत की गुफा, विशेष कोड से खुलते हैं गुफा के दरवाजे
गुरमीत राम रहीम की गुफा 12 एकड़ क्षेत्र में फैली है और एक के बाद एक इसके राज सामने आने से सर्च टीमें व विशेषज्ञ भी अचरज में हैं। गुरमीत की गुफा की एक झलक ही उसके विलासी जीवन की कहानी बयान कर देती है। गुफा में 10 से अधिक कमरे हैं और इस तिमंजिली गुफा में लिफ्ट भी लगी है, जो बेसमेंट से सीधे छत पर बने गार्डन तक पहुंचती है। सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि गुफा में प्रवेश के बाद इसका एक रास्ता बीच की मंजिल पर खुलता है, जहां बीच में हाल नुमा बड़ा कमरा है। इस हाल के चारों तरफ कमरे हैं।
प्रत्येक कमरा बड़े होटल की तरह सुसज्जित है। इन्हीं कमरों के नीचे बेसमेंट में इसी डिजाइन के कमरे बने हुए हैं। अति आधुनिक सुविधाएं इन कमरों में दी गई हैं। बाबा की पोशाकें, महंगे जूते भी यहां रखे हुए हैं। यहां तक सोफे भी बहुत उच्च क्वालिटी के हैं। गुफा जैसा यहां कुछ भी नहीं है। यह महल है और इसके ऊपर के हिस्से में बड़ा स्वीमिंग पुल व गार्डन है।
सुरक्षा इंतजाम देख दंग रह गईं सर्च टीमें
सर्च टीमें रहस्यमय गुफा के सुरक्षा के इंतजाम देख दंग रह गई। दीवारें इतनी मजबूत थी कि इन्हें गोलों से भी भेदा न जा सके। गुफा के दरवाजे रिमोट में विशेष कोड से खुलते हैं। यदि कोई अनजान व्यक्ति गुरमीत के कमरे तक पहुंच जाए तो सेंसर उसे पहचानकर हूटर जैसी आवाज देता था। खिड़की-दरवाजे भी बुलेट प्रूफ थे। ऊपरी मंजिल पर कमरों को बहुत मजबूत स्थिति से बनाया गया है। जिस तरह बाहर से दरवाजे कोड से खुलते हैं, उसी तरह अंदर से भी कोड से ही दरवाजे खुलते थे।
इसके अलावा बुलेट प्रूफ शीशे ऊपर के कुछ अन्य स्थानों पर भी हैं। बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात रहते थे और साथ ही दीवारें इतनी ऊंची हैं कि उन्हें लांघ पाना नामुमकिन था। दीवारों की चौड़ाई भी बहुत अधिक है और उन्‍हें आसानी से नहीं तोड़ा जा सकता। बाहर की तरफ पानी है तो अंदर की तरफ गहरी खाई खोदी गई है।
गुफा से साध्‍वी आश्रम तक था सुरंगनुमा रास्‍ता
साध्वी आश्रम व गुफा के बीच एक सुरंगनुमा रास्ता पाया गया है। यह रास्ता गुफा के एक छोर से शुरू होता है। जो दूसरी ओर साध्वी आश्रम की ओर आता है। अब यह रास्ता बंद है। तीसरी मंजिल पर सुरंग पाई गई है, जिसके अंदर से बाहर जाने का रास्ता था। इसमें मिट्टी भरी हुई मिली।
गुंबद से दिखता है पूरा डेरा
डेरा प्रमुख की गुफा के ऊपर गुंबद बना हुआ है। इस गुंबद से देखा जाए तो पूरा डेरा दिखाई देता है। यहां से पूरे डेरे की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। इस गुंबद से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की हलचल को भी आसानी से देखा जा सकता है।
200 एकड़ पर बनी है करीब एक हजार इमारतें
डेरा सच्चा सौदा की सिरसा में 766 एकड़ जमीन है। इनमें से 200 एकड़ जमीन पर करीब एक हजार इमारतें बनी हुई है। जिनमें रिजॉर्ट, सिनेमा, कोठियां, फ्लैट्स, कैंटीन, दुकानें, प्रशासनिक भवन से लेकर अलग-अलग विंग के भवन बने हुए हैं।
दूसरे दिन सर्च ऑपरेशन में जांच में एक कोठी से 21 बोतल केमिकल मिला। डेरे में चार आरा मशीन भी मिली। इनमें से दो बिना लाइसेंस चल रही थीं। दोनों मशीनों को सील कर दिया गया। साथ ही डेरे में चलने वाले माही थियेटर की मशीनें भी सील कर दी गईं। जांच टीम को लड़कियों के हॉस्टल के पास टूटे हुए ताले मिले। सूत्रों की मानें तो डेरे के अंदर बरामद किए गए कंप्यूटर और हार्ड डिस्क भी अधजली हालत में मिले हैं। उन्हें नष्ट करने की कोशिश की गई थी।
बच्चे घर पहुंचे
शुक्रवार को मिले दो नाबालिग बच्चों को उनके परिवार तक पहुंचा दिया गया है। इनमें एक कैथल शहर का सातवीं कक्षा का छात्र है। वह डेरे में होने वाले सत्संग में भाग लेने के लिए अपनी मां के साथ आया था। जब डेरा खाली होने लगा तो उसकी मां चली गई लेकिन वह यहीं रह गया। दूसरा उत्तर प्रदेश का है। वह डेरे में बनी बिस्कुट फैक्टरी में काम करता था। उसका परिवार सिरसा में ही रहता है। 25 अगस्त को हुई हिंसा के बाद सभी मजदूरों ने फैक्टरी को छोड़ दिया, लेकिन वह डेरे में ही रह गया था।
-एजेंसी