‘महामिलावट’ में एंट्री का एक ही मानक, कौन मोदी को कितनी ज्यादा गाली दे सकता है: पीएम

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की 15 साल की सत्ता गंवाने के बाद पहली बार राज्य के दौरे पर गए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा चुनाव से पहले एकजुट हो रहे विपक्ष को ‘महामिलावट’ बताया है और कहा है कि इसमें एंट्री का सिर्फ एक मानक है कि कौन मोदी को कितनी ज्यादा गाली दे सकता है। उन्होंने राज्य सरकार पर भी जनता विरोधी फैसले लेने और भ्रष्टाचार को छिपाने का आरोप लगाया।
महागठबंधन की ओर इशारा, बताया ‘महामिलावट’
पीएम ने कांग्रेस पर बिचौलियों और दलालों से मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि उनके ‘मामा-चाचा’ को भारत लाकर जांच एजेंसियों के हवाले किया जा रहा है इसलिए वे बौखला रहे हैं और ऐसे लोगों के साथ मिलावट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘इनमें आपस में होड़ लगी है कि कौन मोदी को ज्यादा से ज्यादा गाली देकर अपने नंबर बढ़ा ले। महामिलावट में एंट्री का एक ही क्राइटीरिया है, मोदी को ज्यादा गाली दे पाते हो तो एंट्री हो सकती है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और वे सुबह शाम-मोदी मोदी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से घिरे हुए लोगों की कोई विचारधारा नहीं है और असली राजनीति यही है कि खुद भी भ्रष्टाचार करो और करने वाले का साथ दो, संरक्षण दो। पीएम ने कहा कि वे जितनी भी महामिलावट कर लें ‘चौकीदार’ चुप नहीं बैठेगा।
‘नामदार परिवार में कोई जमानत-कोई अग्रिम जमानत पर बाहर’
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि घोटाले-घपले की नीयत का नतीजा है कि सीबीआई जांच में अड़ंगा लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वह अभी से ही अपने भ्रष्टाचार को छिपाने में लग गई है। दिल्ली से यही संस्कार विरासत में मिलते हैं। अगले चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ को एटीएम बनाना है, सीबीआई बैठेगी तो एटीएम कैसे बनेगा।’ गांधी परिवार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने तंज कसा, ‘कांग्रेस के नामदार परिवार के हर सदस्य के खिलाफ अदालतों में गंभीर मामले चल रहे हैं। टैक्स चोरी, जमीन -संपत्ति घोटाले के मामले चल रहे हैं। हालत यह है कि ज्यादातर सदस्य जमानत या अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। कानून से बचने की उनकी कोशिशों के बीच चौकीदार अलर्ट है।’
राज्य सरकार पर कटाक्ष, ‘हमारे कार्यों को ठप कर रही सरकार’
पीएम ने राज्य सरकार पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘दो महीने पहले जब नई सरकार बनी तो हमने भी इस उम्मीद के साथ बधाई दी कि 15 साल के बाद कुछ नई सोच, नई शुरुआत करेंगे, युवाओं के लिए काम करेंगे लेकिन जो पहले बेहतर किया जा रहा था उसको भी ठप करने में लगे हैं।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना से छत्तीसगढ़ को हटाने का फैसला किया।
‘बिना बिचौलियों की योजना कांग्रेस को रास नहीं’
पीएम ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ बरसों पुरानी स्थिति की ओर लौट रहा है। कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी बीमारी में जमीन-जायदाद बेचने की नौबत आएगी, यह कांग्रेस के तौर-तरीके का नमूना है। आयुष्मान भारत में वैज्ञानिक तरीके से लिस्ट बनती है, फर्जीवाड़ा करके नाम जोड़ा-हटाया नहीं जा सकता। पैसे सीधे अस्पताल के खाते में जाते हैं। ऐसी कोई योजना जिसमें बिचौलिए दलाल न हो कांग्रेस को रास नहीं आती। 15 साल से तरस रहे थे, चौकीदार की चाक-चौबंद योजना को जारी कैसे रख सकते हैं।’
जनादेश सिर-माथे पर
राज्य में हार पर पीएम ने कहा कि जनादेश को बीजेपी के एक-एक कार्यकर्ता ने सिर-माथे पर चढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जय-पराजय जीवन का हिस्सा हैं।
पीएम नेचुनावों के बाद गरीब, आदिवासी, पीड़ित, दलित, शोषित, व्यापारी कारोबारी के विकास का संकल्प और मजबूत होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़कों, रेलवे, उद्योग धंधों, एयरपोर्ट के काम में तेजी लाई जाएगी। पीएम ने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, सरकारें आती-जाती रहती हैं लेकिन लोगों के सामान्य जीवनस्तर को ऊपर उठाने का संकल्प अटल रहता है।
कांग्रेस पर कर्जमाफी में वादाखिलाफी का आरोप
पीएम ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के किसानों से 10 दिन में कर्जमाफी का वादा किया गया था लेकिन वोट बटोरने के बाद खेल खत्म हो गया। उन्होंने कहा, ‘ उन किसानों का कर्ज माफ किया गया है जिन्होंने ग्रामीण या सहकारी बैंकों से लोन लिया था, राष्ट्रीय बैंकों, साहूकारों या रिश्तेदारों से लोन लेने वालों का नहीं।’
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया, ’10 साल बाद चुनाव दिखता है तो कर्जमाफी का पिटारा लेकर आ जाते हैं। 2009 में कर्जमाफी का खेल लेकर आए थे, अब 2019 में आए है। इससे केवल बिचौलियों का भला होता है, किसान कर्ज के बोझ तले दब जाता है।’
‘पीएम किसान सम्मान योजना से 12 करोड़ किसानों को फायदा’
बीजेपी सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6000 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे जिससे छत्तीसगढ़ समेत 12 करोड़ किसानों को लाभ होगा जिनके पास 5 एकड़ या कम जमीन है। उन्होंने कहा कि यह योजना कर्जमाफी की तरह 10 साल में एक बार नहीं आती, हर साल किसानों का फायदा करेगी। कांग्रेस की कर्जमाफी से 10 साल में एक बार 50 हजार करोड़ रुपये दिए जाते थे। किसान सम्मान योजना के तहत अगले 10 साल में 7.5 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा हो जाएंगे।
‘सरकार की कोशिशों से बैंकों ने किसानों के हित में लिए फैसले’
पीएम ने बताया कि छोटे किसानों को बैंकों से बिना गांरटी 1 लाख तक कर्ज मिलता था, अब देश के छोटे किसान 1.6 लाख का कर्ज बिना गारंटी ले पाएंगे।
किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लिए जाने वाले प्रसेसिंग फीस, इंस्पेक्शन जैसे शुल्क खत्म बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कम ब्याज दर पर कर्ज मिल सके इसके लिए ब्याज दर में छूट के लिए जो राशि दी जाती थी उसे दोगुना कर दिया गया और फसली ऋण 11 लाख 68 हजार करोड़ किया गया।
‘मजदूरों, श्रमिकों, करदाताओं, बजट में सबका ध्यान’
पीएम ने बताया कि इस साल के बजट में मजदूरों, श्रमिक परिवारों, घरों में काम करने वाले, निर्माणकार्य, रिक्शा, ठेला चलाने वालों के लिए देश में पहली बार कोई योजना बनी है। उन्होंने पुरानी सरकार पर आरोप लगाया कि इन लोगों के नाम पर देश में सिर्फ नारे ही लगाए गए, राजनीति की गई, भले के लिए योजना नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि पीएम श्रम योगी मानधन योजना के तहत जिन लोगों की मासिक कमाई 15 हजार रुपये से कम है उन्हें, 60 साल की उम्र बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। इसका फायदा 30-40 करोड़ लोगों को होगा। इसके लिए औसतन 100 रुपये अंशदान लिया जाएगा। जितनी राशि वे लोग देंगे उतना ही सरकार भी रखेगी।
पीएम ने बताया कि पक्के घर, उज्जवला के माध्यम से गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन जैसी योजनाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि जिन ईमानदार करदाताओं के पैसे से ये योजनाएं संभव होती हैं उनका भी ध्यान बजट में रखा गया है। इसके लिए 5 लाख रुपये तक की आय को टैक्स से बाहर कर दिया गया है। इससे करीब 3 करोड़ करदाताओं को लाभ मिलेगा।
-एजेंसियां

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