ऑलिव ऑयल की मसाज करके कंट्रोल की जा सकती है वैरिकोज वेन्‍स की समस्‍या

वैरिकोज वेन्‍स की समस्‍या आजकल काफी बढ़ चुकी है। इसमें पैर की नसों में मौजूद वॉल्‍व जो कि ब्‍लड को नीचे से ऊपर हार्ट की ओर ले जाने में मदद करते हैं उनमें प्रॉब्‍लम होने की वजह से ब्‍लड सही तरीके से ऊपर की ओर नहीं पहुंच पाता। इसके चलते पैरों की नसें कमजोर होकर मुंड़ने लगती हैं। इसे ही वैरिकोज वेन्‍स कहते हैं। इससे तमाम तरह की परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से ऑलिव ऑयल की मसाज लें तो इस समस्‍या पर काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
ऑलिव ऑयल से मालिश करने से ब्‍लड सर्कयुलेशन काफी बेहतर तरीके से होता है। इसके अलावा इससे दर्द और स्‍वैलिंग में भी आराम मिलता है। अगर आपको ऐसी समस्‍या हो तो ऑलिव ऑयल और विटामिन ई ऑयल की बराबर मात्रा लेकर उसे गर्म कर लें। इसके बाद उसी तेल से कम से कम दस मिनट तक पैर की मालिश करें। यह प्रक्रिया कम से कम एक से डेढ़ महीने तक अपनाएं।
एंकल से टोज तक करें मसाज
जब भी आपको वैरिकोज वेन्‍स की समस्‍या हो तो ऑलिव ऑयल को गर्म करके एंकल से टोज तक हल्‍के हाथों से मसाज करें लेकिन ध्‍यान रखें कि मसाज करने से पहले पैर की स्किन को अच्‍छी तरह से साफ कर लें। इसके बाद ही मसाज करें।
वैरिकोज वेन्‍स के लक्षण
कई बार पैरों के दर्द को अनदेखा कर दिया जाता है। मसलन हमें लगता है कि थकान या भागदौड़ के चलते दर्द हो रहा होगा। लेकिन अगर आपको पैरों में गहरी बैंगनी या नीली रंग की नसें दिखें तो तुंरत ही चिकित्‍सक से संपर्क करें। या फिर पैरों में लगातार भारीपन, जलन, मांसपेशियों में ऐंठन या निचले हिस्‍से में सूजन दिखे तो यह भी वैरिकोज वेन्‍स का ही लक्षण है। इसके अलावा अगर काफी समय तक खड़े रहने या फिर बैठने के बाद अचानक ही दर्द शुरू हो जाए तो यह भी वैरिकजो वेन्‍स का ही लक्षण है। बिना लापरवाही बरतें चिकित्‍सक से संपर्क करें। इसके अलावा तुंरत राहत के लिए आप ऑलिव ऑयल से भी मसाज कर सकते हैं।
-एजेंसियां

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