जुझारू विधायक पूरन प्रकाश के सामने झुकना पड़ा पुलिस-प्रशासन को, एसओ और एसआई थाने से हटाए

मथुरा। बल्‍देव क्षेत्र के जुझारू भाजपा विधायक पूरन प्रकाश के सामने देर रात पुलिस प्रशासन को झुकना ही पड़ा। हालांकि इस प्रयास में विधायक की तबियत खराब हो गई और उन्‍हें धरना स्‍थल से सीधे हॉस्‍पीटल में एडमिट कराना पड़ा।
हॉस्‍पीटल से आज सुबह हुई बातचीत में विधायक पूरन प्रकाश ने बताया कि देर रात 12 बजे बाद महावन थाना पहुंचे डीएम सर्वज्ञराम मिश्रा और एसएसपी बबलू कुमार ने थाना प्रभारी अरविंद पाल और एसआई अजय अवाना तथा अरविंद चौहान को हटाने का ऐलान किया।
उल्‍लेखनीय है कि महावन थाना प्रभारी अरविंद पाल की मनमानी एवं अवैध वसूली की शिकायत लगातार क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश को मिल रही थीं।
इसी संदर्भ में रविवार को बल्‍देव क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण अपने विधायक पूरन प्रकाश से मिले और उन्‍हें थाना महावन के प्रभारी और उनके सहयोगी उप निरीक्षकों की मनमानी एवं भ्रष्‍टाचार से अवगत कराया।
ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक ने एसओ से बात की तो एसओ ने उन्‍हें भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
एसओ के व्‍यवहार से क्षुब्‍ध विधायक रात को ही थाने जा पहुंचे और वहां अपने समर्थकों एवं क्षेत्रीय नागरिकों के साथ धरने पर बैठ गए।
विधायक ने धरना स्‍थल से एसएसपी बबलू कुमार को भी पूरी बात बताते हुए थाने आकर जानकारी करने को कहा किंतु एसएसपी ने खुद को दूसरे कार्यों में व्‍यस्‍त बताकर आने में असमर्थता जता दी। एसएसपी ने विधायक से सोमवार दोपहर 2 बजे तक का समय मांगा किंतु विधायक इस पर सहमत नहीं हुए।
एसएसपी के रुख को भांपकर विधायक ने रात में ही डीएम सर्वज्ञराम मिश्रा से बात की किंतु उन्‍होंने एसएसपी के कार्यक्षेत्र में दखल न दे पाने की बात कही। डीएम ने एसएसपी से विधायक की बात भी कराई जिस पर एसएसपी ने पहले धरना समाप्‍त करने की शर्त लगा दी जिस पर विधायक सहमत नहीं हुए।
इस बीच भाजपा के जिला पदाधिकारियों को विधायक के धरने पर बैठने की जानकारी हुई तो जिलाध्‍यक्ष नगेन्‍द्र सिकरवार, महामंत्री चिंताहरण चतुर्वेदी व सिद्धार्थ लोधी, सांसद हेमा मालिनी के निजी सचिव जनार्दन शर्मा सहित भाजपा के तमाम पदाधिकारी महावन थाने जा पहुंचे।
जिलाध्‍यक्ष नगेन्‍द्र सिकरवार ने धरना स्‍थल से ही सारे घटनाक्रम की जानकारी न सिर्फ प्रदेश अध्‍यक्ष महेन्‍द्र नाथ पांडे बल्‍कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को भी दी।
मथुरा से लखनऊ तक भरपूर हंगामा होने के बाद रात करीब साढ़े बारह बजे डीएम और एसएसपी थाने पहुंचे और वहां थाना प्रभारी अरविंद पाल, एसआई अजय अवाना तथा अरविंद चौहान को हटा दिए जाने का ऐलान किया।
डीएम एवं एसएसपी की बात का भरोसा करते हुए विधायक पूरन प्रकाश ने धरना तो समाप्‍त कर दिया किंतु इस सारी कवायद में उनकी तबीयत बिगड़ गई लिहाजा उन्‍हें रात को ही अस्‍पताल ले जाना पड़ा।
दरअसल, विधायक पूरन प्रकाश अपने क्षेत्र की समास्‍याओं के साथ-साथ आम जन समस्‍यओं को भी समय-समय पर पुरजोर तरीके से उठाने के लिए पहचाने जाते हैं।
आगरा-मथुरा के बीच फरह थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे नंबर दो पर बने महुअन टोल प्‍लाजा के कर्मचारियों की अभद्रतापूर्ण कार्यप्रणाली को लेकर भी विधायक पूरन प्रकाश ने कई बार आवाज उठाई है।
बताया जाता है कि महावन थाने की पुलिस द्वारा ग्रामीणों के किसी भी झगड़े को तिल का ताड़ बनाने में रुचि रहती थी और फिर उसके बाद उसे निपटाने के लिए नाजायज डिमांड करती थी। विधायक पूरन प्रकाश के थाना पुलिस के इस रवैये की जानकारी लगातार ग्रामीण दे रहे थे और विधायक इस शिकायत से एसओ को अवगत करा रहे थे किंतु एसओ और उसके मुंह लगे उपनिरीक्षकों पर कोई असर नहीं हो पा रहा था।
विधायक पूरन प्रकाश के अनुसार एसओ ने कई मौकों पर लोगों के बीच भाजपा के कार्यकताओं एवं पदाधिकारियों को लेकर अभद्र शब्‍दों का भी इस्‍तेमाल किया और कहा कि उन्‍हें सबक सिखना मुझे आता है।
एसओ के इस रवैये की पुष्‍टि तब फिर हो गई जब ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक ने एसओ को फोन किया और एसओ ने उस समय भी विधायक को कोई संतोषजनक जवाब देना जरूरी नहीं समझा।
संभवत: इसीलिए एक ओर जहां विधायक पूरन प्रकाश ने धरने पर बैठने का निर्णय लिया और दूसरी ओर स्‍थानीय पदाधिकारियों ने उन्‍हें पूरा सहयोग देते हुए बात लखनऊ तक पहुंचाई।
बहरहाल, अब देखना यह है कि एसएसपी ने मौके की नजाकत को देखकर एसओ और उसके दो सहयोगी उप निरीक्षकों को हटाने का ऐलानभर किया है या फिर वास्‍तव में विधायक की मांग पूरी की है।
जहां तक बात एसओ अरविंद पाल की है तो सवाल यह भी उठता है कि यदि उनकी कार्यशैली है तो क्‍या वो नागरिक पुलिस में किसी जिम्‍मेदार पद पर नियुक्‍त किए जाने लायक हैं अथवा भाजपा के नेताओं को अब उनके लिए किसी अन्‍य थाने पर धरना प्रदर्शन को तैयार रहना होगा।
-Legend News

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