सिख विरोधी Riots के 186 बंद मामलों की जांच के लिए फिर SC पहुंचे याचिकाकर्ता

Riots की जांच को लेकर जनवरी के आदेश के बावजूद नई SIT ने काम शुरू नहीं किया

नई दिल्‍ली। 1984 सिख विरोधी Riots के 186 बंद मामलों की जांच के लिए याचिकाकर्ता फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जनवरी के आदेश के बावजूद नई SIT ने काम शुरू नहीं किया।
1984 सिख विरोधी Riots के 186 बंद मामलों की जांच के लिए याचिकाकर्ता फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जनवरी के आदेश के बावजूद नई SIT ने काम शुरू नहीं किया। एक सदस्य की अभी तक नियुक्ति नहीं हुई, लिहाजा जल्द सुनवाई हो। चीफ जस्टिस ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी है वो इस मामले को देखेंगे।

9 जनवरी को 186 बंद मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक नई SIT का गठन किया था। सुपरवाइजरी पैनल की रिपोर्ट में कहा गया था कि 239 मामलों में से 186 को बिना जांच बंद किया गया। कोर्ट ने कहा था कि नई SIT में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, वर्तमान IPS और रिटायर्ड IPS होंगे। इसके लिए गठित नई एसआईटी में दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस एसएन ढींगरा, रिटायर्ड आईपीएस राजदीप सिंह और वर्तमान आईपीएस अभिषेक दुलार होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देगी लेकिन फरवरी में केंद्र ने राजदीप सिंह की जगह नवनीत रंजन वासन को नियुक्त करने की गुहार लगाई थी। 8 अगस्त तक SIT को जांच रिपोर्ट दाखिल करनी है। 6 दिसंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सुपरवाइजरी पैनल ने SIT द्वारा बंद किए गए 241 केसों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। सुप्रीम कोर्ट इस रिपोर्ट पर तय करेगा कि ये मामले फिर से खोले जाएं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि अगर रिपोर्ट में कुछ होगा तो कार्रवाई के आदेश देंगे।

1 सितंबर को 1984 की सिख विरोधी हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT द्वारा छंटनी के बाद बंद किए गए केसों की छानबीन के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो रिटायर जजों के सुपरवाइजरी पैनल का गठन किया था। पैनल में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस जेएम पांचाल और जस्टिस केएस राधाकृष्णन हैं। कोर्ट ने कहा था कि जज पांच सितंबर से काम शुरू करेंगे और तीन महीने में रिपोर्ट देंगे।

पैनल को रिकार्ड देखने के बाद यह तय करना था कि केस बंद करने का फैसला सही है या नहीं और इन केसों की दोबारा जांच शुरू की जाए या नहीं। पैनल शुरुआत में ही बंद किए गए 199 केसों के अलावा 42 अन्य मामलों की फाइलों को देखेगा।
-एजेंसी

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