मौसम विभाग ने बताया, 9 से 12 जून तक रहेगा बारिश और आंधी का दौर

नई दिल्‍ली। मौसम विभाग के अनुसार 9 जून से मौसम बदल रहा है। तेज आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी होगी। बारिश और आंधी का यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। स्काइमेट के अनुसार, बारिश और आंधी का यह दौर 9 से 12 जून तक जारी रहेगा। हालांकि बारिश और आंधी शाम के समय ही होगी।
बादल पिछले दो दिनों से दिल्ली के साथ आंखमिचौली खेल रहे हैं। बादल आते हैं लेकिन बिना बरसे ही दिल्ली से रुखसत हो जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 8 जून को आंधी व बारिश का अलर्ट जारी किया था, अब पूर्वानुमान में इसकी उम्मीद भी धुंधली पड़ गई है। गुरुवार को तापमान भी अधिक रहा और उमस भी, जिसके चलते राजधानी वाले बेहाल रहे।
जून को शुरू हुए सात दिन बीत चुके हैं और अब तक जून सूखी ही रही है। इसकी वजह से लोगों को जबर्दस्त गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान बढ़कर 41.4 डिग्री पर पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान भी 29.2 डिग्री दर्ज किया गया। पालम का तापमान 42.4 डिग्री रहा। हवा में नमी का स्तर 35 से 74 पर्सेंट रहा। वहीं 8 जून को अधिकतम तापमान 40 और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी।
उमस वाली गर्मी
स्काइमेट के अनुसार जून में दिल्ली में औसत बारिश 82 एमएम होती है। अब तक बारिश न होने की वजह से ही उमस वाली गर्मी परेशानी बढ़ा रही है। इस समय पंजाब और वेस्ट उत्तर प्रदेश में एक ट्रफ बना हुआ है जो शुक्रवार को दिल्ली में असर दिखा सकता है। इसकी वजह से देर शाम से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 8 और 9 जून की रात को आंधी आने की संभावना है। दिल्ली के अलावा नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 9 जून को आंधी और बारिश आ सकती है। यह सब अगले 2 से 3 दिन तक चलता रहेगा। हालांकि यह ऐक्टिविटी सुबह-सवेरे और दोपहर बाद ही होगी और काफी कम देर के लिए होगी।
450 करोड़ का सिस्टम देगा मॉनसून की सटीक जानकारी
इस साल मॉनसून में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बारिश का सटीक पूर्वानुमान मिलेगा। अगले दस दिन तक मौसम के बारे में जानकारी भी लोगों को दी जाएगी कि बारिश कहां, कितनी होगी। मॉनसून से पहले ही इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौसम विभाग ने 450 करोड़ के आठ पेटाफ्लॉप के कंप्यूटर सिस्टम से संबद्ध नई पूर्वानुमान व्यवस्था शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था में 12 ग्रिड किलोमीटर स्केल यानी 144 वर्ग किलोमीटर के दायरे तक का काफी सही आंकलन किया जा सकता है। नई व्यवस्था में एक की जगह पूरे 21 मॉडलों का इस्तेमाल कर पूर्वानुमान किया जा सकेगा, जिसकी वजह से यह अधिक सटीक होगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आठ पेटाफ्लॉप कंप्यूटर सिस्टम की प्रोसेसिंग स्पीड है। यह सिस्टम पूर्वानुमान को सही करने के लिए ही लगाया गया है। इस बार मॉनसून में पहली बार इस सिस्टम से पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। इसमें जिला स्तर की जानकारी शामिल होगी। मसलन किस जिले में कितनी बारिश होने की संभावना है। इसका दूसरा फायदा यह भी होगा कि समय रहते सिविक एजेंसियां जल भराव से निपटने की तैयारी कर सकेंगी और इसी तरह रेन वाटर हार्वेस्टिंग में भी इससे मदद मिलेगी।
-एजेंसी

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