भ्रष्टाचार के मामलों में ढील, सीएम योगी को मौलिक भारत ने लिखा पत्र

नई दिल्ली । Maulik Bharat संस्था ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में ढिलाई बरतने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक शिकायती पत्र भेजते हुए इन मामलों पर त्वरित व ठोस कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है क‍ि सन 2013 से 2017 के बीच Maulik Bharat लगातार यह खुलासा करता रहा कि नोएडा प्राधिकरण में सभी ठेकों, नियुक्तियों,आवंटन व भुगतान में बड़ी हेराफेरी, लूट व जालसाजी होती रही है इसलिए मायावती, मुलायम व अखिलेश सरकार के समय के सभी उपरोक्त कार्यो की सीबीआई जांच व खातों के ऑडिट करवाया जाए। स्वयं भाजपा ने सन 2012 में नोयडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के लाखों करोड़ रुपए के घोटालों की दस्तावेजों सहित खुलासा किया था।

मौलिक भारत ने भी ऐसे ही दर्जनों घोटालों का समय-समय पर पर्दाफाश किया है किंतु भाजपा की सरकार आने के ढाई वर्ष बाद भी इन सभी खुलासों पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई।

पत्र में ध्यानाकर्ष‍ित किए गए ब‍िंदु

1. लंबे समय बाद आज भी नोयडा प्राधिकरण का सीएजी ऑडिट जारी है। कहने को इसका दायरा बढ़ गया है मगर अभी तक बड़ी हेराफेरी सामने आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई? उल्टे पिछले महीने नोएडा प्राधिकरण में आग लगने से हज़ारों फाइलें जलकर खाक हो गईं और न जाने कितने घोटाले राख हो गए। प्रश्न यह है कि क्या सीएजी की जांच टीम दबाब व समझौते का शिकार हो गयी? यह विस्तृत जांच व तीव्रतम कार्यवाही का प्रश्न है।

2. ग्रुप हाउसिंग घोटाले के कारण तीनों प्राधिकरणों में सैकड़ों बिल्डरों द्वारा लाखोंं लोगोंं से फ्लैट आवंटन/ खरीद के नाम पर अरबों रुपए की लूट की गई व आज भी अधिकांश आवंटी बिना मकान दर दर की ठोकर खा रहे हैं व प्रदेश सरकार तमाम बड़ी बड़ी बातों के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रही है। बिल्डर, प्राधिकरणों के अधिकारियों, नौकरशाह व नेताओं के गठजोड़ के कारण आम जनता रोज मूर्ख बनाई जा रही है। सब जानते हैं कि अधिकांश प्रोजेक्ट्स नौकरशाह व नेताओं के हैंं और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। क्या इस गठजोड़ के खिलाफ आपकी सरकार कोई कड़ी कार्यवाही कर सकती है?

3. प्रदेश में व प्राधिकरणों में जिन नौकरशाहोंं, नेताओंं, ठेकेदारों व अधिकारियों ने लूट मचाई व घोटाले किए उनके नाम व काम मय सबूतों के सरकार, मीडिया व जनता सबको पता है मगर कुछ पर राजनीतिक या कुछ दिखावटी कार्यवाही के अलावा कुछ नहींं हुआ। लगता है अंदरखाने समझौता हो गया है व अनेक घोटालेबाज आज भी सरकार में प्रमुख पदों पर हैं। ऐसा क्यों व किन मजबूरियों के तहत किया जा रहा है?

4. हाल ही में अखिलेश सरकार के समय में हुए खनन घोटाले की जांच के सिलसिले में बुलंदशहर के डीएम के घर व अन्य अधिकारियों के घर पर सीबीआई ने छापा डाला व लाखों रुपए की नकदी बरामद की। यह साधारण बुद्धि वाले को भी समझ आ जायेगा कि छापे में प्राप्त रकम खनन घोटाले की कमाई नहीं है बल्कि जिलाधिकारी को रोजाना होने वाली रिश्वत की कमाई का हिस्सा है। ऐसी कमाई प्रदेश के काफी जिलाधिकारी करते होंगे। आवश्यकता सभी पर छापे मारने की है न कि मात्र एक दो पर कार्यवाही करने की। मगर सरकार मौन है। ऐसा क्यों?

5. जिला गौतम बुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण व उत्तर प्रदेश के सभी प्राधिकरण आज भी घोटाले व अराजकता का शिकार हैं। नोएडा का स्टेडियम तो उजाड़ पड़ा है मगर हर वर्ष इसमें अरबोंं रुपयों का खर्च पुनर्निर्माण के नाम पर दिखा कर लूट लिया जाता है। उसपर इस शहर में नगर निगम तक नहीं जिस कारण हर स्तर पर भयंकर गड़बड़ी, लूट व अराजकता है। इसका कोई इलाज क्यों नहीं है आपकी सरकार के पास?

संस्था मौलिक भारत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उक्त मुद्दों के निस्तारण का जनि‍हित में अतशीघ्र करने का अनुरोध किया है।

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