Muslim Brotherhood के नेता का रेड कारपेट बिछाकर स्‍वागत किया था मनमोहन सरकार ने

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान अक्सर विवाद पैदा कर देते हैं। राहुल गांधी ने अभी हाल में लंदन दौरे के दौरान आरएसएस की तुलना Muslim Brotherhood से की थी।
राहुल गांधी ने दोनों की तुलना करते हुए आरएसएस को देश की प्रकृति से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। राहुल गांधी ने जिस Muslim Brotherhood की तुलना आरएसएस से की थी, उसी मुस्लिम ब्रदरहुड के एक बड़े नेता के स्वागत के लिए यूपीए सरकार में रेड कारपेट बिछाया गया था।
कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA-2 ने साल 2013 में Muslim Brotherhood के नेता और मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहमद मुर्सी को भारत दौरे पर आमंत्रित किया था। UPA-2 के शासन काल में मिस्र के राष्ट्रपति भारत के दौरे पर आये थे। मोहमद मुर्सी 2011 में मिस्र में हुई तहरीर स्क्वायर की क्रांति के बाद मिस्र के राष्ट्रपति बने थे।राष्ट्रपति बनने से पहले वो मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े हुए थे। बाद में उन्होंने 2011 में फ्रीडम और जस्टिस पार्टी का निर्माण किया।
मोहमद मुर्सी की भारत की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबधों का नया अध्याय शुरू हुआ था। होस्नी मुबारक के तीन दशक के शासन के दौरान भारत और मिस्र के बीच रिश्ते शिथिल पड़े हुए थे। इस यात्रा के दौरान भारत और मिस्र के बीच रक्षा संबंधों को बढ़ाने के साथ अन्य समझौतों पर करार हुआ था।
मोहम्मद मुर्सी की भारत के यात्रा के कुछ महीनों के बाद उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था। मुर्सी के स्थान पर उनके रक्षा मंत्री फ़तेह अब्देल अल सिसी मिस्र के राष्ट्रपति बने। मुस्लिम ब्रदरहुड की स्थापना मिस्र में 1928 में हुई थी। दुनिया के कई देशों ने मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन घोषित कर इस पर प्रतिबन्ध लगा रखा है।
-एजेंसियां

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