देश के कई राज्‍यों में नजर आ सकता है चक्रवाती तूफान ‘डे’ का असर

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘डे’ ओडिशा में जमकर तबाही मचाने के बाद अब देश के अलग-अलग हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। तबाही को देखते हुए मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में ओडिशा, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्‍यों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में अभी भी तेज हवाएं चल रही हैं। डे तूफान की वजह से शनिवार को यूपी, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में हल्‍की बारिश हुई है।
इससे पहले शुक्रवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश के कारण पहाड़ ढहने के मामले सामने आए थे। इस दौरान निचले हिस्से में बसा मलकानगिरि जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। भुवनेश्वर में मेट्रॉलजिकल सेंटर के डायरेक्टर एचआर बिस्वास ने बताया, ‘लगभग 150 लोग जो मलकानगिरी के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए थे उन्हें बचा लिया गया है।’
‘डे’ चक्रवात को लेकर शनिवार को 8 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इसकी वजह से देश की राजधानी दिल्ली का भी मौसम बदला नजर आ रहा है। यही नहीं, शुक्रवार को दिल्ली समेत कई अन्य जगहों पर बारिश भी हुई। ओडिशा के कोरापुट में शुक्रवार को 100 मिमी बारिश रेकॉर्ड की गई जबकि बालासोर में 141 मिमी बारिश दर्ज हुई। ‘डे’ चक्रवात से हो रही तबाही के चलते मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने तुरंत एक मीटिंग बुलाई और हालातों समेत व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मौसम विभाग के मुताबिक, विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में सप्ताह के अंत में भारी बारिश हो सकती है।
‘डे’ चक्रवात इन राज्यों पर डाल सकता है असर
‘डे’ चक्रवात की वजह से सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा में बारिश हो सकती है।
‘मॉनसून’ कहीं राहत, कहीं तबाही
बता दें कि इस वर्ष यानी 2018 में मॉनसून आने के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में जमकर बारिश हुई। कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति भी बन गई। केरल में बाढ़ की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिसके मद्देनजर देशभर से लोगों ने मदद के हाथ आगे बढ़ाया। मॉनसून की वजह से बाढ़ के हालात उत्तर प्रदेश के भी कई हिस्सों में देखने को मिले। जहां एक ओर गंगा का जलस्तर बढ़ने से शुक्लागंज के आसपास के क्षेत्र डूब गए वहीं घाघरा नदी उफान पर होने के कारण लोगों को पलायन तक करना पड़ा।
-एजेंसिया

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