भारतीय वायुसेना के पास Air strike के पुख्‍ता सबूत, सिंथेटिक अपेर्चर रडार से ली गई थीं तस्वीरें

नई दिल्‍ली। भारतीय वायुसेना के पास पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्‍तान में घुसकर की गई Air strikes के पुख्‍ता सबूत हैं लेकिन उन्हें सार्वजनिक करना या न करना, सरकार पर निर्भर है। शनिवार को सेना और रक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने यह बात कही।
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी संगठन जैश पर हुई भारत की Air strikes को पड़ोसी मुल्क नकार रहा है लेकिन अब इस हवाई हमले से हुए भारी नुकसान की पुख्ता तस्वीरें सामने आई हैं। रडार से मिली तस्वीरों में साफ हुआ है कि हमले में मसूद अजहर के मदरसे की चार बिल्डिंग ध्वस्त हो गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मारे गए आतंकियों का सही-सही आंकड़ा नहीं बताया जा सकता क्योंकि इसके लिए जो तकनीक और जमीनी खुफिया जानकारी होना चाहिए, वह पूरी नहीं है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास हमले से हुए नुकसान के पुख्त सबूत हैं। ये तस्वीरें सिंथेटिक अपेर्चर रडार (SAR) से ली गई हैं। भारतीय वायु सेना के मिराज 2000 विमानों ने इन टारगेस्ट पर हमले किए थे।
जो इमारतें ध्वस्त हुई हैं, वहां जैश का मदरसा चलता है। पाकिस्तान ने भी पुष्टि की है कि भारत ने इस स्थान पर हमला करने की कोशिश की, हालांकि उसका दावा है कि भारतीय विमानों द्वारा गिराए गए बम जंगल में गिरे।
अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं कि हमले के बाद पाकिस्तान ने किसी को उस स्थान पर क्यों नहीं जाने दिया जहां पहले मदरसा था?
पाकिस्तान ने कहा था कि वह मौके पर मीडिया को ले जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया?
जानिए किस बिल्डिंग में क्या होता था
– एल (L) आकार में बनी इन बिल्डिंगों में जेहादियों को ठहराया जाता था और आतंक का पाठ पढ़ाया जाता था।
– इमारत के एक हिस्से में मसूद के बेहद करीबी आतंकी ठहरते थे, जिनमें उसके दो भाई और कश्मीर के इंचार्ज शामिल थे।
– एक बिल्डिंग में जेहादी रहते थे। वहीं खाते-पीते और ट्रेनिंग लेते थे।
– चौथी बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा ट्रेनिंग में इस्तेमाल होता था।
सरकार तय करेगी तस्वीरें जारी होंगी या नहीं
तस्वीरों को जारी करने को लेकर अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से सरकार का फैसला होगा। ये तस्वीरें सैटेलाइट तस्वीरें की तरह साफ नहीं हैं, क्योंकि उस दिन घने बादल थे।
सूत्रों के मुताबिक “वायुसेना ने बिल्डिंग को इजरायली बमों से निशाना बनाया। ये बम इमारत पर गिरते ही उसे खत्म नहीं करते बल्कि उसके अंदर जाकर टारगेट बनाते हैं। वायुसेना ने एस-2000 पीजीएम इजरायल से लिए थे। इनका निशाना जबरदस्त होता है, ये जैमर प्रूफ होने के साथ बादल होने के बावजूद टारगेट पर वार करते हैं।”
इमारतों की छत एक खास तरह के लोहे की चादर से बनाई गई थी। रडार की जो तस्वीरें सामने आई थीं, उनमें इमारतों की छत गायब थी। हालांकि छत को दो दिन बाद फिर से सुधार दिया गया।
-एजेंसियां

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