कांग्रेस के अचानक उमड़े ‘नरसिंह राव प्रेम’ को पोते ने नौटंकी बताया

हैदराबाद। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव को भारत में आर्थिक सुधारों का जनक कहा जाता है लेकिन उनकी ही पार्टी कांग्रेस में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे।
अब राव के निधन के करीब 16 साल बाद तेलंगाना कांग्रेस उनकी जन्म शताब्दी मना रही है। सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, प्रणब मुखर्जी, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने राव को ‘देश का महान सपूत’, पार्टी का गौरव, अंतर्राष्ट्रीय हस्ती जैसे विशेषणों से नवाजा है।
राव के पोते एन. वी. सुभाष ने इसे कांग्रेस की नौटंकी करार दिया है।
क्या बोले, नरसिंह राव के पोते
राव के पोते और तेलंगाना में बीजेपी प्रवक्ता एन वी सुभाष ने राव के जन्मशताब्दी को कथित रूप से तेलंगाना तक ही सीमित रखने और लंबे समय तक उनकी उपेक्षा करने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बस नाम के लिए समारोह का आयोजन किया तथा सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ने कार्यक्रम के लिए बस संदेश भेज दिया जिससे पता चलता है कि कांग्रेस नेतृत्व पी वी नरसिंह राव और उनके जन्म शताब्दी समारोह के लिए छोटा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कितना गंभीर है।
गुम धरोहर को अपना बताने की कांग्रेस की नौटंकी: एन. वी. सुभाष
सुभाष ने सवाल किया कि कांग्रेस ने राव के निधन के बाद इतने सालों तक उनकी स्मृति में क्यों कोई एक भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया, जिन्हें भारत में आर्थिक सुधारों का जनक कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस समारोह का आयोजन कुछ नहीं बल्कि उनकी गुम धरोहर को अपना बताने की कांग्रेस की नौटंकी है। उन्होंने कहा कि पी वी नरसिंह राव केवल तेलंगाना के नहीं बल्कि पूरे भारत के प्रधानमंत्री थे, इसे ध्यान में रखकर कांग्रेस को जवाब देना होगा कि उसने लंबे समय तक उनकी उपेक्षा क्यों की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को उनके आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समिति गठित कर समारोह करना चाहिए।
कांग्रेस ने भुलाया लेकिन मोदी सरकार ने राव को सम्मान दिया: सुभाष
सुभाष ने आरेाप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं के दबाव के बाद ही आलाकमान ने इस समारोह की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने ही नेता को भुला दिया लेकिन मोदी सरकार ने विपक्षी नेता होने के बावजूद दिल्ली में एकता स्थल पर स्मारक बनाया और उनकी याद में डाक टिकट जारी किया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने घोषणा की कि वह अपने नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल लेकर दिल्ली जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राव को भारत रत्न देने का अनुरोध करेंगे।
गौरतलब है कि राव का जन्म 28 जून 1921 को हुआ था और उनका निधन 23 दिसंबर 2004 को हुआ। वह 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।
तेलंगाना कांग्रेस के कार्यक्रम में पढ़ा गया सोनिया गांधी का संदेश
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव को समर्पित कांग्रेसी बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी को उनकी उपलब्धियों और योगदान पर गर्व है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें इस देश का ‘महान सपूत’ बताया। तेलगाना कांग्रेस के अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने सोनिया गांधी के संदेश को पढ़कर सुनाया।
संदेश में गांधी ने कहा, ‘नरसिंह राव के कार्यकाल में देश ने कई राजनीतिक, सामाजिक और विदेश नीति की उपलब्धियां हासिल कीं। वह एक समर्पित कांग्रेसी थे जिन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में पार्टी की पूरे समर्पण के साथ सेवा की।’ तेलंगाना कांग्रेस ने 24 जुलाई को नरसिंह राव का जन्म शताब्दी समारोह शुरू किया है। इसी दिन 1991 में उनकी सरकार ने वह पहला बजट पेश किया था जिसे देश में आर्थिक सुधारों की दिशा में पहला प्रयास किए जाने का दावा किया जाता है।
राव एक अंतर्राष्ट्रीय हस्ती, कांग्रेस को उन पर गर्व: सोनिया
गांधी ने कहा, ‘नरसिंह राव एक सम्मानित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हस्ती थे और कांग्रेस को उनकी विभिन्न उपलब्धियों और योगदानों पर गर्व है।’ उन्होंने कहा, ‘पी. वी. नरसिंह राव का जन्म शताब्दी वर्ष हम सभी के लिए मौका है कि हम एक बहुत विद्वान व्यक्तित्व को याद करें और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करें। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में लंबा जीवन बिताने के बाद वह ऐसे समय देश के प्रधानमंत्री बने जब गंभीर आर्थिक संकट था।’
कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक 24 जुलाई 1991 को पेश किए गए बजट ने हमारे देश में आर्थिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया।
राव ने वह कर दिखाया जो कभी असंभव जान पड़ता था: प्रणब मुखर्जी
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने रिकॉर्ड किए संबोधन में कहा कि कि राव को कुछ ऐसा करने के लिए जाना जाता है जो कभी-कभी असंभव जान पड़ता था। मुखर्जी ने कहा कि जब वह (अविभाजित) आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने इस राज्य में व्यापक भूमि सुधार लाया जो उनके संकल्प का साहस था। उन्होंने कहा, ‘राव मुश्किल दौर में प्रधानमंत्री बने। उस समय न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर महज एक अरब डॉलर रह गया था और यह महज दो सप्ताह के आयात भर के लिए था।’
मुखर्जी ने कहा कि राव भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि की संभावनाओं का द्वार खोलने के लिए उसमें क्रांतिकारी सुधार लाने वाले दूसरे प्रधानमंत्री थे। उन्होंने कहा कि नरसिंह राव में चीन के साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की जरूरत को पहचानने की क्षमता थी जिसके साथ पूर्वोत्तर से लेकर लद्दाख तक लंबी सीमा मिलती है। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘सीमावर्ती क्षेत्र में शांति और अमन बनाकर रहने का पहला विचार उन्होंने ही रखा था और उसे बाद के प्रधानमंत्रियों ने लागू किया।’
राव भारत में आर्थिक सुधारों के जनक: मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव की सरकार में वित्त मंत्री रहे मनमोहन सिंह ने कहा कि राव को वास्तव में भारत में आर्थिक सुधारों का जनक कहा जा सकता है । सिंह बाद में खुद देश के प्रधानमंत्री बने। सिंह ने कहा, ‘आर्थिक सुधार और उदारीकरण वाकई उनके सबसे बड़े योगदान हैं।’ उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदानों को कम करके नहीं आंका जा सकता है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति के संबंध में राव ने चीन सहित अन्य पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में सुधार के लिए प्रयास किया। उन्होंने याद किया कि 1991 में नरसिंह राव कैबिनेट में वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने जो बजट पेश किया था उसने भारत को कई मायनों में बदल दिया क्योंकि इससे आर्थिक सुधारों और उदारीकरण की शुरूआत हुई।
अल्पमत सरकार के बावजूद राव ने कठोर फैसले लिए: मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह ने कहा, ‘राजनीतिक रूप से, यह बड़ा सवाल था कि क्या कोई चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करने के लिए कठोर निर्णय ले सकता है? यह अल्पमत सरकार थी, जो स्थिरता के लिए बाहरी समर्थन पर निर्भर थी। फिर भी नरसिंह राव जी सभी को साथ लेकर चलने और उन्हें अपनी प्रतिबद्धता से सहमत कराने में सक्षम थे। उनका भरोसा पाकर, मैंने उनकी दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए अपना काम किया।’ पूर्व पीएम सिंह ने यह भी कहा कि कई मायनों में राव उनके मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा कि 1991 में तत्काल कठोर फैसले लिए जाने थे क्योंकि भारत विदेशी मुद्रा संकट का सामना कर रहा था और विदेशी मुद्रा भंडार लगभग दो सप्ताह के आयात के लिए पर्याप्त रह गया था।
राहुल गांधी ने भी की राव के योगदान की तारीफ
पूर्व काग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि राव की उल्लेखनीय राजनीतिक यात्रा रही जो साहस और संकल्प को दिखाता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम और जयराम रमेश ने भी नरसिंह राव के साथ अपने जुड़ाव को याद किया।
-एजेंसियां

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