बिठूर महोत्सव में बही अध्यात्म की गंगा

बिठूर महोत्सव में देर रात तक अनुराधा की भजनांजलि कार्यक्रम के दौरान श्रोता अध्यात्म की गंगा में गोते लगाते रहे। श्रोताओं की मांग पर अनुराधा पौडवाल ने फिल्मी गीत भी पेश किए।
…मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा… भजन जैसे ही अनुराधा पौडवाल ने बिठूर महोत्सव में गाया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इससे पूर्व बिठूर महोत्सव में संगीत संध्या का शुभारंभ पर कमिश्नर पी. के. महान्ति, डीएम सुरेंद्र सिंह, विधायक अभिजीत सिंह सांगा और महोत्सव समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल को स्मृति चिह्न‌ देकर किया। श्रोताओं ने जोरदार तालियों से अनुराधा का स्वागत किया।
इसके बाद प्रसिद्ध गायिका ने जैसे ही गायत्री मंत्री..ओम भूर्भुव स्व: तत्सवितुर्वरेण्य…भजन के रूप में गाया तो श्रोता सुधबुध खो बैठे। इसके बाद उन्होंने मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा से की तो जमकर तालियां बजी। बिठूरवासियों को मंत्रमुग्ध करते ही अनुराधा ने ..तूने मुझे बुलाया शेरावालिएं, ओम गणपतए नमो नमः गीत, ओ पालन हारे निर्गुण और न्यारे ,राम सिया राम सिया राम जय जय राम और मंगल भवन अमंगल हारी आदि भजन गाकर माहौल को पूरा भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में समां बंधा तो अनुराधा पौडवाल भी एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देने लगीं। बीच-बीच में उन्होंने श्रोताओं से जयकारे भी लगवाए।
फिल्मी गीतों पर भी श्रोताओं को झुमवाया
शाम परवान चढ़ते ही अनुराधा ने फिल्मी गीत …धीरे-धीरे से मेरी जिन्दगी में आना…, कुछ पाकर खोना है, कुछ खोकर पाना है…, नजर के सामने जिगर के पास… आदि गीत सुनाकर लोगों को बॉलीवुड के गीतों पर झूमने के लिए मजबूर कर दिया। ..अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां खत्म…, बहुत प्यार करते है तुमको सनम… आदि गीतों पर बिठूरवासी देर रात तक झूमते रहे। देर रात तक यहां सभी कुर्सियां श्रोताओं से भरी रही। सभी अनुराधा पौडवाल के कार्यक्रम में खोए नजर आए। अंत में गंगा जी की आरती ..ओम जय गंगे माता गाकर उन्होंने कार्यक्रम का समापन किया।
-एजेंसी