शंकराचार्य स्‍वरूपानंद ने काशी में किया राममंदिर के प्रतीक का शिलान्‍यास

वाराणसी। शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती ने अयोध्‍या में भगवान श्रीराम मंदिर के शिलान्‍यास का संकल्‍प गुरुवार को धर्म नगरी काशी में पूरा किया। उन्‍होंने मंदिर के प्रतीक (मॉडल) का शिलान्‍यास किया।
इस मौके पर अयोध्‍या में 67 एकड़ भूमि पर बनने वाले मंदिर का नक्‍शा भी जनता के सामने रखा गया।
दरअसल, प्रयागराज कुंभ में हुई परम धर्म संसद में लिए गए निर्णय के अनुसार शंकराचार्य मंदिर निर्माण के लिए अयोध्‍या जाने वाले थे। प्रयागराज से 17 फरवरी को उनकी अगुवाई में रामाग्रह यात्रा निकलने का भी कार्यक्रम तय था लेकिन पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश की बदली परिस्थितियों को देखते हुए उन्‍होंने यात्रा और शिलान्‍यास कार्यक्रम स्‍थगित कर दिया था।
जय श्रीराम के उद्घोष के साथ दोहराया संकल्प
शिलान्‍यास की शुभ तारीख 21 फरवरी तय होने के चलते काशी के केदार घाट स्थित श्री विद्यामठ में प्रतीक शिलान्‍यास समारोह आयोजित किया गया। शंकराचार्य ने अयोध्‍या में बनने वाले मंदिर के नक्‍शे पर नंदा, भद्रा, जया और पूर्णा नामक चांदी की ईंट रख विधि-विधान से पूजन किया। समारोह में बड़ी संख्‍या में मौजूद साधु-संतों ने जय श्रीराम के उद्धोष के साथ राम मंदिर निर्माण का संकल्‍प दोहराया।
भगवान राम का मंदिर बनाना है, पुतला नहींः शंकराचार्य
शंकराचार्य ने शिलान्‍यास में प्रयुक्‍त ईंटों को मंदिर निर्माण की नींव बताया। उन्होंने कहा कि जो विवादित स्‍थल है वहीं पर भगवान राम की जन्‍मस्‍थली है। ऐसे में मंदिर वहीं बनेगा। उन्‍होंने फिर दोहराया कि अयोध्या में उन्हें भगवान राम का मंदिर बनाना है न कि महापुरुष का पुतला। शंकराचार्य ने बताया कि मंदिर का निर्माण 67 एकड़ एरिया में होगा।
तीन और स्‍थानों पर शिलान्‍यास
मंदिर के प्रतीक शिलान्‍यास के मौके पर शंकराचार्य द्वारा स्‍पर्श की गई शिलाओं के द्वारा उनके प्रतिनिधि स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद ने वेद सेवालय, बद्रीनाथ मंदिर और श्री शंकराचार्य वृद्ध सेवालय का भी शिलान्‍यास किया। आचार्य पं. वीरेश्‍वर दातार के आचार्यत्‍व में सविधि शिलान्‍यास कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रमुख रूप से स्वामी सुबुद्धानंद जी महाराज, स्‍वामी सदाशिव ब्रह्मानंद, धारानंद ब्रह्मचारी, शारदानंद ब्रह्मचारी सहित बड़ी संख्‍या में भक्‍त मौजूद रहे।
सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन
प्रतीक शिलान्‍यास समारोह से पहले बुधवार को केदारघाट पर शंकराचार्य ने सवा लाख पार्थिव शिवलिंगो से निर्मित कूर्म यंत्र का विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया। इस अवसर आशीर्वचन में शंकराचार्य ने कहा कि यंत्र पूजन कर अयोध्‍या में भगवान राम के भव्‍य मंदिर के निर्माण और आतंकवाद के सफाए की कामना की गई है।
-एजेंसी

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