Abu Dhabi में आज पहले हिंदू मंदिर का शिलान्यास

दुबई। Abu Dhabi में पहले हिंदू मंदिर का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ दुनियाभर के धार्मिक और सामाजिक नेता भी शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर का निर्माण बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था करवाएगी। आयोजन में संस्था के आध्यात्मिक नेता महंत स्वामी महाराज भी मौजूद थे।

Abu Dhabi में पहले हिंदू मंदिर के ‘शिलान्यास विधी’ का आयोजन किया गया है।समारोह में स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक नेता महंत स्वामी महाराज की उपस्थिति है। साथ ही इसमें मंदिर का निर्माण करने वाला धार्मिक और सामाजिक संगठन भी शामिल है।

शिलान्यास में शामिल हुए दुनियाभर के नेता

खलीज टाइम्स के मुताबिक, शिलान्यास कार्यक्रम अबू मुरेखा में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य पुजारी ने गुलाबी रंग के पत्थर से मंदिर की नींव रखी। यह पत्थर राजस्थान से मंगवाए गए हैं।

आयोजन में विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद अल नाहयान और मंत्री शेख नाहयान मुबारक अल नाहयान समेत दुनियाभर के कुछ नेता भी शामिल हुए। गुरुवार को एयरपोर्ट पर शेख नाहयान ने स्वामी महाराज समेत अन्य प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान, विदेश मामलों के मंत्री और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और शेख नाहन मुबारक अल नाहयान, सहिष्णुता मंत्री, दुनिया भर के सामाजिक और आध्यात्मिक नेताओं के साथ इस अवसर पर शिरकत की। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2018 में अपने दौरे के वक्त इस मंदिर की आधारशिला रखी थी। गौरतलब है कि ये अभी तक साफ नहीं है कि मंदिर का काम कब पूरा होगा, लेकिन अभी इसमें कुछ साल लगेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक इस मंदिर में आर्ट गैलरी, हॉल, लाइब्रेरी और जिम के साथ ही एक सांस्कृतिक परिसर भी होगा। फिलहाल मंदिर के पूरे होने की समय सीमा स्पष्ट नहीं है।

यूएई में लगभग 26 लाख भारतीय रहते हैं, यानी वहां की आबादी का 30 फीसदी हिस्सा। बताया जा रहा है कि इस मंदिर की फंडिंग प्राइवेट तौर पर की जा रही है।मंदिर का निर्माण अबू धाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान द्वारा उपहार में दी गई 55,000 वर्ग मीटर जमीन पर किया गया है।इसके साथ ही यूएई सरकार ने इतनी ही जमीन मंदिर परिसर में पार्किंग सुविधा के निर्माण के लिये दी है

इसके ढांचे का निर्माण भारतीय कारीगरों ने हाथों से उकेरा है और यूएई में इकट्ठा किया है। ये मंदिर दिल्ली के अक्षरधाम मिदंर और दूसरा न्यूजर्सी यूएस में निर्माणाधीन एक इमारत के प्रारुप पर आधारित है। 2015 में मोदी ने अबू धाबी का दौरा करने के बाद से भारत-यूएई के संबंधों को एक नए स्तर पर बढ़ाया है।

मंदिर में नक्काशी की जिम्मेदारी भारतीय कलाकारों को सौंपी गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में यूएई का अपना पहला दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने मंदिर की आधारशिला रखी थी।

-एजेंसी

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