देश का पहला मामला: दिल्‍ली पुलिस को देहरादून में मिली Cryptocurrency की खदान

नई दिल्‍ली। देश में ऐसा पहला मामला है जब पुलिस ने एक Cryptocurrency की खदान पर छापा मारा है जहां ईथेरियम सिक्कों की छपाई का काम होता था। माइनिंग इकाई देहरादून में है और यहां से Cryptocurrency ग्लोबल मार्केट में बेची जाती है।
क्रिप्टोकरंसी तैयार करने वाली इस इकाई का पता तब चला जब 25 अप्रैल को इसके मालिक कमल सिंह और विजय कुमार पुलिस के हत्थे चढ़े। डीयू ग्रैजुएट कमल सिंह और इंजिनियर विजय कुमार ने Cryptocurrency रैकिट में फंसाकर कई लोगों को चूना लगाया। अपनी वेबसाइट bits2btc.com के जरिए इन दोनों ने निवेशकों से करीब 100 करोड़ रुपयों की ठगी की। दोनों पॉन्जी स्कीम्स में लोगों से निवेश करवाते और बाद में पैसा गबन कर जाते।
एडिशनल डीसीपी (साइबर सेल) केपीएस मल्होत्रा ने देहरादून में 4000 वर्ग फुट के कॉम्प्लेक्स में छापा मारा, जहां उन्हें कम्प्यूटर प्रोसेस्ड क्रिप्टो कॉइन तैयार करने वाली माइनिंग रिग्स मिलीं। वहां से 500 ग्राफिक्स कार्ड और सर्वर भी बरामद किए गए। पुलिस को गोदाम से 100 ईथेरियम रिग्स भी मिलीं। आरोपी ने पड़ोसियों को बताया था कि वह कंप्यूटर प्रोसेसर यूनिट है, जिसमें एक बड़ी कंपनी के सर्वर हैं।
कमल और विजय से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि उन्होंने ठगी की रकम को देहरादून में निवेश कर दिया था। दोनों न केवल bits2btc.com चला रहे थे बल्कि उनकी HBX और MCap नाम से करंसीज भी थीं।
ठगी गई राशि का दोनों ने ईथेरियम खरीदने में निवेश किया था। बाद में क्रिप्टो रॉइन्स के जरिए ये दोनों और ईथेरियम तैयार करने में लगाने लगे। सितंबर 2017 में दोनों आरोपियों ने किराये पर प्रॉपर्टी ली और स्थानीय कंप्यूटर डीलरों की मदद से 8 लोगों को बतौर माइनर जॉब पर रखा। ये लोग मार्केट में और ईथेरियम पहुंचाने के लिए ऑड घंटों में काम किया करते थे। एक शख्स को सर्वरों की मेन्टिनेंस और अन्य कामों के लिए रखा गया था।
पुलिस को शक है कि पिछले तीन महीनों में इस यूनिट से Cryptocurrency बेचकर इस गैंग ने करीब 70 लाख रुपये कमाए। छापा डालने वाली टीम को जांच में यह बात भई पता चली कि पार्टनरों के बीच पिछले कुछ समय से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, कमल और विजय एक साथ हैं लेकिन तीसा पार्टनर एसएस अलघ पूरा कंट्रोल लेना चाहता है। इस वजह से विजय ने अलघ के खिलाफ पुलिस कंप्लेंट भी कर दी थी। विजय ने शिकायत की थी कि अलघ और उसके साथियों ने उसे किडनैप कर लिया था।
पुलिस अब अलघ की तलाश कर रही है, जो फरार है। अलघ के साथ काम कर रहे स्थानीय को हिरासत में ले लिया गया है और पता लगाया जा रहा है कि इस गैंग ने कोई अन्य माइनिंग यूनिट तो नहीं खोल रखी।
-एजेंसी

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