राहुल गांधी के चुनावी वायदे पर मध्‍य प्रदेश के किसानों ने कर्ज की किश्‍तें रोकीं

भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के मंदसौर की एक रैली में कांग्रेस की सरकार आने पर 10 दिन के अंदर किसानों के 2 लाख से ज्यादा के कर्ज माफ करने का वादा किया था। कांग्रेस अध्यक्ष अपने इस दावे को मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के दौरान हर जगह दुहरा भी रहे हैं।
अब खबर आई है कि मध्य प्रदेश के किसानों ने राहुल के इस बयान को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। किसानों ने अपना फार्म लोन चुकाना बंद कर दिया है। को-ऑपरेटिव और नेशनलाइज्ड बैंक के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कृषि ऋण चुकाने की दर में 10 प्रतिशत की कमी आई है। मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के महेंद्र दीक्षित ने बताया कि यह बात सही है कि पिछले 6 महीने में लोन रिकवरी में 10 प्रतिशत की कमी आई है। हो सकता है कि यह राहुल गांधी के लोन माफ करने के चुनावी वादे का प्रभाव हो। लोन रिकवरी में यह कमी असामान्य है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस साल फसल अच्छी हुई है और किसानों को भावांतर स्कीम के तहत अच्छे पैसे मिले हैं। ऐसे में भी लोन चुकाने में यह कमी किसी और कारण की ओर इशारा करती है। लोन रिकवरी में इस कमी की वजह को लेकर कोई यकीन से पुष्टि नहीं कर रहा है लेकिन इसे राहुल गांधी के चुनावी वादे का ही रिजल्ट ही माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में भी किसान नहीं बेच रहे फसल
इससे पहले छत्तीसगढ़ से भी ऐसी ही खबर आई थी। राहुल गांधी के कर्जमाफी के वादे के बाद से वहां के किसान फसल नहीं बेच रहे हैं। उनका मानना है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है और 10 दिन में उनका कर्ज माफ हो जाता है तो फसल बेचने के लिए कुछ दिन का इंतजार क्यों न कर लिया जाए। किसान ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि फसल बेचते ही बैंक उनसे कर्ज वसूल लेगा। ऐसे में वह इंतजार करना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं।
किसानों का एक बड़ा तबका लोन चुकाने की बजाय चुनाव परिणाम आ जाने के इंतजार को तरजीह दे रहा है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »