मथुरा रिफाइनरी के कुख्‍यात तेल माफिया पर जिला प्रशासन ने फिर रखा वरदहस्‍त, अरबों की कुर्क संपत्ति को सुपुर्द करने की तैयारी

मथुरा रिफाइनरी के कुख्‍यात तेल माफिया पर जिला प्रशासन ने फिर रखा वरदहस्‍त
तेल माफिया ने इस तरह किया था मथुरा रिफाइनरी की पाइप लाइन को बर्बाद

मथुरा। रिफाइनरी क्षेत्र के मूल निवासी प्रदेश के कुख्‍यात तेल माफिया पर जिला प्रशासन ने फिर अपना वरदहस्‍त रख दिया है। जिला प्रशासन बड़ी चालाकी के साथ उसकी अरबों रुपए की कुर्क की गई उस अचल संपत्ति को उसी के गुर्गों को सुपुर्द करने में लगा है जिन्‍हें बमुश्‍किल कुर्क किया गया था।
रिफाइनरी थाना क्षेत्र का रहने वाला यह तेल माफिया सबसे पहले लाइम लाइट में तब आया जब तेल के खेल में इसने अपने एक प्रतिद्वंदी का कत्‍ल करा दिया। हालांकि इससे पहले भी जिले का समूचा पुलिस-प्रशासन इसकी असलियत से वाकिफ हो चुका था किंतु सेटिंग-गेटिंग के चलते इसकी गिनती अपराधियों में न होकर व्‍यापारियों में की जाती थी।
मात्र एक दशक में फर्श से अर्श तक पहुंचने वाले इस तेल माफिया की पुलिस व प्रशासन के बीच बढ़ती पैठ का एक प्रमुख कारण यह भी था कि मथुरा रिफाइनरी के जरिए होने वाले तेल के खेल में संलिप्‍त हर व्‍यक्‍ति इसके अधीन हो गया और यही उन सबकी ओर से सुविधा शुल्‍क बांटने लगा।
बताया जाता है कि तत्‍कालीन एसएसपी और डीएम को भी यही तेल माफिया हर महीने सीधे खुद सुविधा शुल्‍क पहुंचाता था।
यही कारण रहा कि जब यह हत्‍या के आरोप में नामजद हुआ, तब भी उच्‍च पुलिस अधिकारियों के साथ बैठा देखा जाता था।
यहां तक कि स्‍थानीय पुलिस एवं प्रशासन के बीच जब इसकी गहरी पैठ के चर्चे लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में पहुंचे और पुलिस पर इसकी गिरफ्तारी के लिए दबाव बढ़ा तब भी एक पुलिस अधिकारी ने इससे एकमुश्‍त काफी बड़ी रकम लेकर इसका नाम निकालने की कोशिश की।
चूंकि मामला काफी उछल चुका था इसलिए पुलिस ने मलाई मारने के बावजूद हाथ खड़े कर दिए और इसे जेल जाना पड़ा।
मथुरा के एक अरबपति हलवाई को अपना जीजाजी बताने वाला यह तेल माफिया जेल भले ही चला गया किंतु पैसे के बल पर इसने मथुरा रिफाइनरी और जिला प्रशासन के बीच इतनी गहरी पैठ बना ली थी कि जेल में रहते हुए इसके तेल का खेल जारी रहा। नेशनल हाईवे, हाईवे और एक्सप्रेस वे पर इसके तेल के टैंकर दोड़ते रहे।
इस तेल माफिया के दुस्‍साहस का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि इसका अपना कोई मुलाजिम अथवा ड्राईवर या क्‍लीनर भी इसके आदेश-निर्देश की अवहेलना करता पाया जाता था तो यह उसे टैंकर के अंदर जिंदा जलाकर मरवा देता था। इस तरह की कई जघन्‍य वारदातों से समय-समय पर इसका नाम जुड़ता रहा है।
हद तो तब हो गई जब इसने मथुरा रिफाइनरी की भूमिगत पाइप लाइन में ही सूराख कर डाला और अपने गैंग के जरिए करोड़ों रुपए का पेट्रोलियम पदार्थ खपाने लगा।
देश की सुरक्षा और रिफाइनरी की व्‍यवस्‍था पर प्रश्‍नचिन्‍ह लगाने वाली इस दुस्‍साहसिक आपराधिक वारदात ने प्रदेश ही नहीं, देशभर को हिलाकर रख दिया लिहाजा उसके बाद पुलिस-प्रशासन ने मजबूरी में इस पर शिकंजा कसना शुरू किया।
पुलिस-प्रशासन द्वारा शिकंजा कसने का परिणाम यह हुआ कि मामूली गांव से निकलकर शहर की पॉश कॉलोनियों में कई-कई आलीशन घरों का मालिक अपने बिल से निकलकर भागने पर मजबूर हो गया।
बताया जाता है कि तेल के खेल में अरबों रुपए की चल-अचल संपत्ति जोड़ लेने वाले इस माफिया के अपनी पत्‍नी से भी संबंध खराब हो गए लिहाजा उसने इससे दूरी बना ली और जो कुछ उसके नाम था उसे आमदनी का स्‍त्रोत बनाकर रहने लगी।
इसी दौरान शासन और न्‍यायपालिका के दबाव में जिला प्रशासन ने अरबों रुपए की वो सारी संपत्ति कुर्क कर ली जो इसके नाम थी किंतु कहीं न कहीं प्रशासन का सॉफ्ट कॉर्नर इसके लिए बना रहा।
पुलिस-प्रशासन से पुराने रिश्‍ते काम आए तो इस तेल माफिया ने नए सिरे से अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया। नेशनल हाईवे से लगी एक पॉश कॉलोनी में रहकर इसने कुछ प्रभावशाली लोगों की मदद से एक ओर जहां जिला प्रशासन में पैठ बनाई वहीं दूसरी ओर राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्‍त कर लिया।
विश्‍वस्‍त सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार राजनीतिक संरक्षण मिलते ही अब इसने न सिर्फ अपनी कुर्क संपत्ति को अपने ही कुछ खास गुर्गों के नाम सुपुर्द कराने का प्रयास प्रारंभ कर दिया है बल्‍कि अपनी पत्‍नी के नाम वाले बेशकीमती भूखंड पर भी नीयत खराब करनी शुरू कर दी।
अपनी इस योजना के तहत गत दिवस इसने पत्‍नी के स्‍वामित्व वाले भूखंड की बाउंड्रीवाल गिराकर उस पर कब्‍जा करने की कोशिश की लेकिन पत्‍नी को किसी तरह इसकी जानकारी मिल गई और उसने मौके पर पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया।
फिलहाल तो पत्‍नी अपने तेल माफिया पति से अपनी जमीन को बचाने में सफल रही किंतु वह कितने दिन सफल रहेगी, यह कहना मुश्‍किल है।
इधर पता लगा है कि प्रदेश सरकार के एक प्रभावशाली मंत्री तथा जिला प्रशासन में अच्‍छी पकड़ रखने वाले इसके कथित जीजाजी द्वारा इसके लिए लॉबिंग की जा रही है जिससे कि इसकी अरबों रुपए मूल्‍य की संपत्ति को अपने किसी खास आदमी के नाम सुपुर्द कराकर सबकी आंखों में धूल झोंकी जा सके और पीछे के रास्‍ते तेल का खेल बड़े पैमाने पर शुरू किया जा सके।
देखना यह है कि कुर्क संपत्ति की सुपुर्दगी किसके नाम होती है और कौन इस तेल माफिया के खेल का नया सहभागी बनता है।
-लीजेंड न्‍यूज़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »