पुलिस के विवादित ‘चोकहोल्ड तरीके’ को ख़त्म किया जाना चाहिए: ट्रंप

वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संदिग्धों को पकड़ने के पुलिस के विवादित ‘चोकहोल्ड तरीके’ यानी पीछे से व्यक्ति का गला दबा कर उसे पकड़ने के तरीके को ख़त्म किया जाना चाहिए.
हाल में अमरीका में जॉर्ज फ्लायड नाम के एक अफ्रीकी अमरीकी व्यक्ति की मौत के बाद देश में बड़े पैमाने पर नस्लभेद-विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए. इसके बाद कई प्रदेशों के पुलिसबलों ने चोकहोल्ड तरीके पर रोक लगा दी है.
हाल में अफ्रीकी मूल के अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ्लायड की मौत उस वक्त हो गई थी जब एक गोरा पुलिस अधिकारी उनकी गरदन पर नौ मिनट तक घुटने टेक कर बैठा रहा.
ट्रंप ने कहा कि “बहुत अच्छा होगा” अगर चोकहोल्ड तरीके को बैन कर दिया जाए, लेकिन कुछ मामलों में हो सकता है कि इसकी ज़रूरत पड़े.
ट्रंप का बयान ऐसे वक्त आया है जब देश में हो विरोध प्रदर्शनों के बीच अमरीकी कांग्रेस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट नेता पुलिसबल में सुधार संबंधी प्रस्तावित जस्टिस इन पुलिसिंग ऐक्ट 2020 पर चर्चा कर रहे हैं.
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ से कहा है कि “पुलिस के चोकहोल्ड तरीके के इस्तेमाल को रोकने की अवधारणा ‘निर्दोष और सही सुनाई पड़ता है’.”
उन्होंने कहा, “अगर कोई पुलिस अधिकारी किसी को पकड़ने की कोशिश में उसके साथ उलझते हैं तो आपको अधिक सतर्क होना चाहिए. लेकिन इसके बावजूद मुझे लगता है कि आम तौर पर इस तरीके को ख़त्म कर दिया जाना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि वो स्थानीय प्रशासन से इस संबंध में “सख्त सिफारिशें” करें.
फ्लॉयड की गरदन पर घुटना रखने वाले गोरे पुलिस अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है और उन पर सेकंड डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है.
पुलिसबल में सुधार करने का दवाब
हाल में नस्लभेद और पुलिस की क्रूरता के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अपनी प्रतिक्रिया के लिए आलोचना झेल चुके ट्रंप ने कहा कि वो चाहते हैं कि देश में “संवेदनशील तरीके से लेकिन कड़ाई से क़ानूनों का पालन हो. कभी-कभी कड़ाई से पालन करने में ही संवेदनशीलता है.”
हैरिस फॉकनर ने इंटरव्यू के दौरान ट्रंप से बीते महीने के उनके उस ट्वीट के बारे में सवाल किया जिसे ट्विटर ने सेंसर किया था.
इस ट्वीट में ट्रंप ने कहा था कि “जब लूट शुरू होती है तो गोली चलनी भी शुरू होती है.” इस ट्वीट को लेकर ट्रंप ने कहा कि इससे उनका आशय था कि “जब लूट शुरू होती है तो इसका मतलब होता है कि… निश्चित तौर पर मौत भी होती है, वहां किसी की हत्या भी हो सकती है… और ये बेहद बुरा है.”
जस्टिस इन पुलिसिंग ऐक्ट का प्रस्ताव विपक्षी डेमोक्रेट नेताओं ने पेश किया है.
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट बहुमत में हैं लेकिन इस प्रस्ताव को क़ानून में तब्दील करने के लिए उन्हें सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं का समर्थन हासिल करना होगा.
माना जा रहा है कि ब्रेओना टेलर शूटिंग मामले की तरह इस मामले में भी दोनों पक्ष चोकहोल्ड और बिना जानकारी (बिना खटखटाए) सर्च वॉरंट पर बैन लगाने के लिए साथ आ रहते हैं.
इस बीच अमरीकी राज्य न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू कूमो ने एक आदेश जारी कर पुलिसबल में आमूल-चूल सुधार का आदेश दिया है.
ये नए सुधार अगले साल के अप्रैल के महीने तक अपनाए जाएंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें मौजूदा नस्लभेद विरोधी प्रदर्शनों की शुरूआत करने वाले पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये और अन्य मुद्दों पर ध्यान दिया गया है.
उन्होंने कहा कि नस्लवाद से लड़ने के लिए पुलिस विभाग का आधुनिकीकरण किए जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर अगले साल के अप्रैल तक स्थानीय प्रशासन पुलिस विभाग में ज़रूरत से अधिक ताकत के इस्तेमाल और पक्षपात को ख़त्म करने में नाकाम रही तो उन्हें सरकार से आर्थिक मदद नहीं दी जाएगी.
उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों के डिसीप्लिनरी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएंगे और चोकहोल्ड को घोर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा जिसके लिए 15 साल तक की क़ैद भी हो सकती है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स को उन्होंने कहा कि “पूरे देश की पुलिस व्यवस्था में सुधार किए जाने चाहिए.”
जॉर्ज फ्लॉयड से पहले एरिक गार्नर नाम के एक अफ्रीकी अमरीकी व्यक्ति की मौत भी पुलिस के हाथों चोकहोल्ड से हुई थी.
साल 2014 में एरिक गार्नर को अवैध रूप से सिगरेट बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
-BBC

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