रुपये की विनिमय दर में गिरावट चिंताजनक नहीं: नीति आयोग

नई दिल्‍ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि रुपये की विनिमय दर में गिरावट वृहत आर्थिक नजरिये से चिंताजनक नहीं है और यह काफी समय से लंबित था। उन्होंने कहा कि उच्च विनिमय दर से देश के निर्यात को नुकसान हुआ है।
पनगढ़िया ने आगे कहा कि देश का वृहत आर्थिक प्रबंधन मजबूत है और चिंता का कोई कारण नहीं है।
उन्होंने पीटीआई भाषा से बातचीत में कहा, ‘वृहत आर्थिक मामले में हाल में रुपये की विनिमय दर में गिरावट मुख्य खबर रही लेकिन यह काफी समय से बहुप्रतीक्षित था। हाल के वर्षों में वास्तविक विनियम दर में मजबूती आयी और इससे हमारा निर्यात प्रभावित हुआ।’
उल्लेखनीय है कि रुपया 16 अगस्त को अमेरिकी डालर के मुकाबले 70.32 तक चला गया जो अबतक का रिकार्ड है। शुक्रवार को रुपया 20 पैसे मजबूत होकर 69.91 पर बंद हुआ।
फिलहाल कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पनगढ़िया ने आगे कहा, ‘मैं व्यक्तिगत रूप से इस बात से खुश हूं कि आरबीआई ने विनिमय दर को प्रबंधित करने के लिये विदेशी मुद्रा भंडार का बेहतर उपयोग किया।’
एक सवाल के जवाब में नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 2018-19 की तीसरी या चौथी तिमाही में देश की वृद्धि दर 8 प्रतिशत को पार कर जाएगी।
उन्होंने अनुमान जताया, ‘मुझे भरोसा है कि 10 साल से कम समय में हम ब्रिटेन, जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।’
मोदी सरकार द्वारा 2019 के चुनाव से पहले लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा की संभावना के बारे में पनगढ़िया ने कहा कि यह जोखिम सर्वव्यापी है लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ होगा।’
उन्होंने कहा कि सरकार कमोबेश राजस्व एवं व्यय में वृद्धि के अनुमान की घोषणा कर चुकी है।
पनगढ़िया ने कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री मोदी देश की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिये काम कर रहे हैं और वह छोटे राजनीतिक लाभ के लिये देश के भविष्य को जोखिम में नहीं डालेंगे।’
-एजेंसियां

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