दिवाली के दिन शंख को बजाने का होता है विशेष महत्व

दिवाली के दिन शंख को बजाने का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि घर में शंख को बजाने से वातावरण शुद्ध होता है तथा शांति के साथ समृद्धि आती है।
ऐसा विश्वास है कि लक्ष्मी पूजा के बाद घर में शंख तथा घंटी को बजाना शुभ होता है। इससे घर में मौजूद सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है तथा परिवार में लक्ष्मी जी के स्वागत के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह परिवार में शांति, समृद्धि लाने के साथ संपूर्ण वातावरण को स्वच्छ करती है।
शंख भगवान विष्णु के हाथ में सुशोभित रहता है। इसके अलावा हिंदू धर्म में शंख के बनाने का अलग धार्मिक महत्व है। यह समुद्रों में पाये जाने वाले घोंघे जैसे विशाल जीव के खोल से बनता है। इसे दीवाली के अलावा हिंदू धर्म में सभी धार्मिक क्रियाकलापों के अवसर पर प्रयोग में लाया जाता है।
हिंदू धर्म ग्रंथों में शंख की स्तुति, प्रसिद्धि, दीर्घायु और समृद्धि प्रदान करने के साथ पापों का नाश करने के लिए किया जाता है। शंख को लक्ष्मी जी के लिए विशेष प्रिय माना जाता है। लक्ष्मी जी भगवान विष्णु की पत्नी तथा धन की देवी हैं।
इस साल 7 नवंबर को दिवाली का त्योहार संपूर्ण देश में श्रद्धा और हर्ष के साथ मनाया जायेगा। इस त्योहार में मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा का विशेष प्रावधान है। हिंदू धर्म में प्रचलित पद्धतियों के अनुसार पूरे विधि-विधान से धन तथा समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है।
दिवाली का अपना एक अलग धार्मिक तथा ऐतिहासिक महत्व है। इसके अलावा भविष्य में आने वाले वर्षों में घर को सुख-समृद्धि तथा आनंद से भरने के लिए पूजा-पाठ किया जाता है। परिवार के सभी लोग एकसाथ मिलकर पूजा में सम्मिलित होते हैं।
-एजेंसियां

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