भाजपा ने कहा, गांधी परिवार को बेनामी संपत्ति के लिए जाना जाता है

नई दिल्‍ली। भाजपा ने रॉबर्ट बाड्रा और विजय माल्या को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अचानक ही देश के कुछ भ्रष्ट लोगों में असुरक्षा और भय दिखने लगा है। भाजपा ने वाड्रा को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने इनकम टैक्स को अपनी आय से संबंधित गलत जानकारियां दी हैं। साथ ही भाजपा ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार को बेनामी संपत्ति के लिए जाना जाता है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रॉबर्ट वाड्रा पर इनकम टैक्स को अपनी आय से संबंधित जानकारियां छुपाने का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा कि 2010-11 में रॉबर्ट वाड्रा ने असेसमेंट के आधार पर दिखाया था कि उनकी आमदनी मात्र 37 लाख रुपये थी और अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पाया है की 43 करोड़ रुपये उनकी आमदनी थी। इस संबंध में विभाग ने वाड्रा को नोटिस जारी किया है और 25.8 करोड़ की बकाया राशि चुकाने को कहा है।
पात्रा ने कहा कि वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने बकायदा एक षडयंत्र के तहत इस इनकम को छुपा कर रखा। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उनकी कंपनी के पास पैसा तो नहीं था लेकिन खरीदारी चल रही थी लेकिन जो आय थी वह इनकम टैक्स से छुपाई गई। 2010-11 में वाड्रा ने इनकम टैक्स विभाग को अपनी आय 37 लाख रुपए दिखाई थी लेकिन आयकर विभाग ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि उनकी आय 43 करोड़ थी। जिसके चलते आयकर विभाग ने वाड्रा को नोटिस जारी किया है। पात्रा ने कहा कि हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि वह रॉबर्ट वाड्रा द्वारा टैक्स छिपाने के इस मामले पर क्या कहेंगे?
पात्रा ने राहुल गांधी से सवाल पूछा कि ब्लू ब्रीजा ट्रेडिंग प्रा. लि. कंपनी ने डीएलएफ से पैसे लेकर जमीन खरीदने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 2008 में ब्लू ब्रीजा कंपनी के डायरेक्टर राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा थे, उसके बाद प्रियंका के जाने के बाद कृष्ण श्रीनिवासन उसके डायरेक्टर बने। हाल ही में कृष्ण श्रीनिवासन को राहुल गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सचिव बनाया और जिसके बाद हाल ही में तेलंगाना का अध्यक्ष बना दिया।
वहीं विजय माल्या को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके कुछ पत्र सामने आए हैं। उन्होने कहा कि यूपीए का वक्त में माल्या दूसरों के पोस्टर छापा करते हुए और आज उनका पोस्टर छपा हुआ है तो उन्हें दिक्कत हो रही है। पत्र का जिक्र करते हुए पात्रा ने कहा कि अक्टूबर 2011 में माल्या ने मनमोहन सिंह का पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने 550 करोड़ रुपए देने के लिए धन्यवाद दिया। पात्रा ने कहा कि आज ये साफ हो गया है कि जो पोस्टर बॉय ऑफ करप्शन है, उनको किस प्रकार कांग्रेस पार्टी ट्रीट करती थी और किस प्रकार आज की सरकार ट्रीट कर रही है। उन्होंने कहा कि विजय माल्या को जो लोन कांग्रेस पार्टी ने दिया, मोदी सरकार उस संपत्ति को जब्त करके रिकवरी का काम कर रही है उससे एक बड़ा परिवर्तन आया है।
-एजेंसी

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