हंगामेदार रही मॉनसून सत्र की शुरुआत, टीडीपी का अविश्वास प्रस्ताव मंजूर

नई दिल्‍ली। मॉनसून सत्र की शुरुआत अनुमान के मुताबिक हंगामेदार ही रही। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विभिन्न दल अलग-अलग मामलों पर सदन में शोरगुल करने लगे। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। सदन में टीडीपी के सांसद आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हमें न्याय चाहिए का शोर मचाने लगे। उधर, आरेजडी और सीपीएम देशभर मॉब लिंचिंग पर बहस को लेकर हंगामा करने लगे।
मॉब लिंचिंग पर बहस के लिए आरजेडी का स्थगन प्रस्ताव
आरजेडी और सीपीएम सांसद प्रश्नकाल स्थगित कर मॉब लिंचिंग पर बहस की मांग कर रहे थे। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ने उनकी मांग को ठुकरा दिया। बता दें कि मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगा। सरकार ने सुचारू ढंग से सदन चलाने के लिए कोशिश भी शुरू कर दी है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा में मॉब लिंचिंग पर बहस करने के लिए नोटिस दिया। आरजेडी ने मॉब लिंचिंग के मामले पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया था।
लोकसभा में नए सांसदों ने ली शपथ
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने का साथ ही पहले नए चुने सांसदों ने शपथ ली और फिर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कुछ पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। इस सत्र में सरकार 25 विधेयकों के पेश करने की तैयारी में है। तीन विधेयकों को वापस लेना है। 18 नए विधेयक सदन में पेश किए जाने वाले हैं। इसके अलावा राज्यसभा के डेप्युटी चेयरमैन का भी चुनाव होना है। सरकार और विपक्ष दोनों ही राज्यसभा के डेप्युटी चेयरमैन के चुनाव पर रणनीति बनाने में जुटी है।
सदन में Wi-Fi सुविधा की हुई शुरुआत
इस बीच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मॉनसून सत्र की शुरुआत में सांसदों को खुशखबरी देते हुए बताया कि सदन में वाई-फाई की सुविधा शुरू कर दी गई है। सभी सदस्य रजिस्ट्रेशन के बाद इसका लाभ उठा सकेंगे। हालांकि सरकार का यह गिफ्ट विपक्षी सांसदों का दिल नहीं जीत सका और मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ।
उधर लोकसभा में सरकार के खिलाफ टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मंजूरी दे दी है। प्रश्नकाल खत्म होते ही टीडीपी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा वह इसपर चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि स्पीकर ने अभी चर्चा के लिए समय नहीं दिया है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ यह पहला अविश्वास प्रस्ताव है। हालांकि नंबर गेम के मामले में बीजेपी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को इससे कोई खतरा नहीं है। नरेंद्र मोदी सरकार के पास एनडीए के सभी सहयोगी दलों को मिलाकर लोकसभा में 312 सांसद हैं।
-एजेंसी

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