कड़ी शर्त के साथ अफगान सरकार ने तालिबान को सत्‍ता में बंटवारे का ऑफर दिया

काबुल। गृहयुद्ध की आंच में झुलसते अफगानिस्‍तान को हिंसा से बचाने के लिए अफगान सरकार ने तालिबान को सत्‍ता में बंटवारे का ऑफर दिया है। हालांकि इसके बदले में अफगानिस्‍तान सरकार ने एक कड़ी शर्त भी रखी है। अशरफ गनी सरकार ने अपने नए शांति प्रस्‍ताव में तालिबान से कहा है कि उसे सत्‍ता में भागीदारी तब दी जाएगी जब वह देश के शहरों पर हमले करना बंद कर देगा।
अफगान सरकार ने यह प्रस्‍ताव ऐसे समय पर दिया है जब तालिबान ने देश की 10वीं प्रांतीय राजधानी गजनी शहर पर कब्‍जा कर लिया है। अफगानिस्‍तान के 1टीवी न्‍यूज़ ने सूत्रों के हवाले से अफगानिस्‍तान के नए शांति प्रस्‍ताव के बारे में जानकारी दी है। हालांकि अभी इसकी उम्‍मीद कम ही है कि तालिबान अफगान सरकार के नए शांति प्रस्‍ताव को स्‍वीकार करेगा। वह भी तब जब उसे लड़ाके एक के बाद एक शहर पर कब्‍जा करते जा रहे हैं।
तालिबान ने प्रांतीय राजधानी गजनी पर कब्जा कर लिया
इससे पहले तालिबान आतंकियों ने गुरुवार को प्रांतीय राजधानी गजनी पर कब्जा कर लिया। बीते एक हफ्ते में विद्रोही 10 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि शहर के बाहरी क्षेत्र में लड़ाई अब भी चल रही है। तालिबान वहां अपने झंडे फहरा रहे हैं और कई घंटों तक चले भारी संघर्ष के बाद अब शहर में शांति है। हालांकि काबुल में अफगान केंद्रीय सरकार और सुरक्षा बलों ने गजनी पर तालिबान के कब्जे के बात अभी स्वीकार नहीं की है। गजनी, काबुल के दक्षिणपश्चिम में 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इस बीच तालिबान ने गजनी प्रांत पर कब्‍जा करने के बाद प्रांतीय गवर्नर और राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख को काबुल आने की अनुमति दे दी। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्यपाल दाउद लघमनी के अंगरक्षकों को कथित तौर पर निहत्था कर दिया गया और दोनों पक्षों के बीच समझौते के आधार पर काबुल तक ले जाया गया। अफगान सरकार ने हालांकि गजनी प्रांत के पतन की पुष्टि नहीं की है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा कि लड़ाकों ने राष्ट्रीय पुलिस मुख्यालय, केंद्रीय जेल और अन्य सरकारी बलों की सुविधाओं पर नियंत्रण कर लिया है।
सरकारी अधिकारियों ने भी तालिबान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया
इस बीच फराह के प्रांतीय गवर्नर के साथ चार सरकारी अधिकारियों ने भी तालिबान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और बाद में दावा किया गया कि उन्हें प्रांत में राष्ट्रीय पुलिस मुख्यालय ले जाया गया है। अफगान सरकार ने अभी इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। जैसे-जैसे सुरक्षा की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, अफगान सरकार ने अपने सैन्य नेतृत्व में फेरबदल किया और हेबतुल्लाह अलीजाई को नया सेना प्रमुख नियुक्त किया है। अलीजाई पहले अफगान सेना के विशेष अभियान दल का नेतृत्व कर रहे थे।
-एजेंसियां

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