चिकित्सा क्षेत्र में संयुक्त रूप से तीन वैज्ञानिकों को मिला Nobel Prize

स्‍टॉकहोम। स्वीडिश अकादमी के प्रसिद्ध Nobel Prize की घोषणा आज सोमवार से शुरू हो गई है जिसमें सबसे पहले चिकित्सा के क्षेत्र में इस साल तीन वैज्ञानिकों को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान Nobel Prize 2019 से सम्मानित करने के लिए चुना गया है। इन वैज्ञानिकों के नाम विलियम जी केलिन(William G. Kaelin), सर पीटर जे रैटक्लिफ (Peter J. Ratcliffe ) और ग्रेग एल सेमेन्जा (Gregg L. Semenza) हैं।

इन्होंने खोजा कि कैसे सेल्स ऑक्सीजन को जलाते हैं ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके और नई कोशिकाओं को बनने में मदद मिले।

अब मंगलवार को भौतिकी के क्षेत्र में विजेता के नाम की घोषणा की जाएगी। इसके बाद 14 अक्टूबर तक पांच अन्य क्षेत्रों में भी विजेताओं के नाम घोषित होंगे। स्वीडिश अकादमी 2018 और 2019 दोनों ही वर्षों के लिए साहित्य नोबेल पुरस्कारों का एलान करेगी। पिछले साल उभरे यौन उत्पीड़न के मामले की वजह से 2018 के साहित्य नोबेल की घोषणा को अकादमी ने स्थगित कर दिया था।

कौन हैं ये Nobel Prize विजेता
विलियम जी केलिन जूनियर का जन्म 1957 में न्यूयॉर्क में हुआ था। ड्यूक विश्वविद्यालय से एमडी की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय और बॉस्टन के दाना—फार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट से विशेष प्रशिक्षण हासिल किया।
वहीं इंग्लैंड के सर पीटर जे रैटक्लिफ का जन्म लंकाशायर में 1954 में हुआ था। उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से चिकित्सा की पढ़ाई की। ग्रेग एल सेमेंजा भी न्यूयॉर्क के रहने वाले हैं और उनका जन्म 1956 में हुआ। उन्होंने बॉस्टन में हार्वर्ड विश्वविद्यालय से बॉयोलॉजी में बीए करने के बाद पेन्सिवेनिया विश्वविद्यालय से एमडी/पीएचडी की डिग्री हासिल की।

ये है नोबेल पुरस्कारों की घोषणा का कार्यक्रम
सोमवार, 7 अक्टूबर — चिकित्सा
मंगलवार, 8 अक्टूबर — भौतिकी
बुधवार, 9 अक्टूबर — रसायन शास्त्र
गुरूवार, 10 अक्टूबर — साहित्य
शुक्रवार, 11 अक्टूबर — शांति
सोमवार, 14 अक्टूबर — अर्थशास्त्र

नोबेल पुरस्कार में पदक, प्रशस्ति संग मिलते हैं साढ़े चार करोड़ रुपये
नोबेल पुरस्कार के हर विजेता को करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की राशि दी जाती है। इसके साथ 23 कैरेट सोने से बना 200 ग्राम का पदक और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है। पदक के एक ओर नोबेल पुरस्कार के जनक अल्फ्रेड नोबेल की छवि, उनके जन्म तथा मृत्यु की तारीख लिखी होती है। पदक की दूसरी तरफ यूनानी देवी आइसिस का चित्र, रॉयल एकेडमी ऑफ साइंस स्टॉकहोम तथा पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति की जानकारी होती है।
चिकित्सा के क्षेत्र में 216 को मिला पुरस्कार, जिनमें 12 महिलाएं
मालूम हो कि 1901 से 2018 के बीच चिकित्सा के क्षेत्र में 109 नोबेल पुरस्कार दिए जा चुके हैं। कुल 216 विजेताओं में 12 महिलाओं के नाम शामिल हैं, जिनमें से दो महिलाओं को साल 2009 में एक साथ पुरस्कृत किया गया। इंसुलिन की खोज करनेवाले फ्रेडरिक जी. बैंटिंग ने साल 1923 में महज 32 साल की उम्र में यह पुरस्कार प्राप्त किया था। चिकित्सा के क्षेत्र में वह अबतक के सबसे युवा नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। वहीं, पेटोन राउस (87) सबसे उम्रदराज नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें ट्यूमर इंड्यूसिंग वायरस की खोज के लिए 1966 में यह पुरस्कार दिया गया था।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »