Monsoon session में अब तक सूचीबद्ध किए गए 15 विधेयक

सरकार ने Monsoon session के लिए 15 बिलों को सूचीबद्ध किया है। Monsoon session में सरकार की प्राथमिकता अगले लोकसभा चुनाव के लिए गेमचेंजर माने जाने वाले तीन तलाक को दंडनीय बनाने, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने और 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने वाले बिलों का कानूनी जामा पहनाने का है। इसी सत्र में सरकार को कई अध्यादेशों के संदर्भ में भी बिल पेश करना है।

इस सत्र के लिए अब तक सरकार ने जिन बिलों को सूचीबद्ध किया है, उनमें

तीन तलाक
मासूमों से रेप पर फांसी के लिए आपराधिक कानून संशोधन बिल
ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा बिल
सार्वजनिक परिसर अनधिकृत कब्जा निषेध संशोधन बिल
दंत चिकित्सक संशोधन बिल
जन प्रतिनिधि संशोधन बिल 2017
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट संशोधन बिल
दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता बिल
भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल
मानवाधिकार सुरक्षा संशोधन बिल
सूचना का अधिकार संशोधन बिल
डीएनए प्रौद्योगिकी उपयोग नियामक बिल
बांध सुरक्षा बिल
मानव तस्करी रोकथाम बिल
सुरक्षा एवं पुनर्वास बिल शामिल हैं।

इसके अलावा सरकार की योजना नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दूसरा संशोधन बिल, महत्वपूर्ण बंदरगाह प्राधिकार बिल, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय बिल, भ्रष्टाचार रोकथाम संशोधन बिल, जिसे राज्यसभा में पेश करने के बाद प्रवर समिति को भेज दिया था, को चर्चा के लिए सदन में पेश करने की है।

सरकार की योजनाएं और चुनौतियां

मानसून सत्र में सरकार को लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 30 विधेयक पारित कराने हैं। तीन तलाक के अलावा सरकार इस बार बहुविवाह और निकाह हलाला जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरेगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल कानून बनाने के लिए 17 जुलाई की समयसीमा दी थी। सरकार को उसका अनुपालन भी सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, पीजे कुरियन के रिटायर होने के बाद लोकसभा के उपाध्यक्ष का चुनाव भी मानसून सत्र में होना है। बीजेपी की कोशिश है कि लोकसभा में बहुमत होने के नाते इस पद पर या तो उसका अपना उम्मीदवार जीते या उसके किसी सहयोगी दल का। लेकिन विपक्ष इसके लिए अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहता है।

Monsoon session की स्थिति

18 जुलाई से 10 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में 6 दिन छुट्टी के हैं। इसलिए कुल मिलाकर सदन की कार्यवाही के लिए हैं 18 बैठक यानी 198 घंटे। संसद के दोनों सदनों में 68 विधेयक अटके पड़े हैं। इनमें तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम विवाह संरक्षण बिल, मासूमों से रेप पर फांसी के लिए आपराधिक कानून संशोधन बिल, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा बिल, भगोड़ा कानून सरकार की प्राथमिकता की सूची में सबसे ऊपर हैं। इसके अलावा संसद के इस Monsoon session में मानवाधिकार, सूचना का अधिकार और मानव तस्करी पर गंभीर बहस भी देखने-सुनने को मिलेगी।
-एजेंसी

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