थाईलैंड: गुफा में फंसे बच्चों और कोच को निकालने का ‘मिशन’ शुरू

पंद्रह दिन से उत्तरी थाईलैंड की एक गुफा में फंसे 12 बच्चों और उनके फ़ुटबॉल कोच को बाहर निकालने का ‘मिशन’ शुरू हो गया है.
बचाव दल के अधिकारियों ने कहा है कि स्थानीय समयानुसार सुबह दस बजे 23 गोताखोरों का एक दल बच्चों को बाहर लाने के लिए भेजा गया है.
थाईलैंड से रविवार सुबह मिली सूचनाएं:
रविवार सुबह थाईलैंड के अधिकारियों ने ये आदेश दिया कि जिन लोगों की बचाव कार्य में ज़रूरत नहीं है, वे सभी गुफा के प्रवेश द्वार से पीछे हट जाएं.
इसके बाद गुफा के प्रवेश द्वार के आसपास के इलाक़े को खाली करा लिया गया. रविवार को ही कथित तौर पर ‘सबसे बड़ा रेसक्यु ऑपरेशन’ शुरू हो चुका है.
इसके बारे में बचाव दल ने बच्चों के परिजनों को सूचित कर दिया है.
गुफा के प्रवेश द्वार के पास एक छोटे बाज़ार जितनी भीड़ जमा थी. इनमें बहुत से लोग वो थे जो स्वेच्छा से बचाव कार्य में मदद करने के लिए चले आए थे.
मीडियाकर्मियों से भी कहा गया है कि वो प्रवेश द्वार से दूर रहें. पुलिस ने शिक़ायत की है कि भीड़ जमा होने से बचाव कार्य में दिक्कत हो रही है.
बचाव कार्य में शामिल थाईलैंड की नेवी ने कहा है कि गुफा में पानी का स्तर पहले से काफी कम हुआ है. कई हज़ार लीटर पानी गुफा से बाहर खींचा जा चुका है.
गुफा में बच्चों तक पहुँचने के लिए एक वैकल्पिक रास्ते की खुदाई का काम भी चल रहा है.
बड़ी चुनौती
बीबीसी के अनुसार बचावकर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी बच्चों को पानी के भीतर गोताखोरी के लिए काम आने वाले उपकरणों के साथ तैराकी करवाना. इनमें से किसी भी बच्चे ने पहले गोताखोरी नहीं की है.
अधिकारियों ने बताया है कि सभी 13 लोगों को बाहर लाने में तीन से चार दिन लग सकते हैं जबकि शुरुआत में एक अनुमान के बाद ये बताया गया था कि बच्चों को बाहर निकालने में चार महीने भी लग सकते हैं.
शनिवार को हुई बारिश
शनिवार को हुई बारिश के बाद ये चिंता बढ़ गयी है कि गुफा में दोबारा पानी का स्तर न बढ़ने लगे.
चियांग राई प्रांत के गवर्नर और इस बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहे नारोंग्साक ने शनिवार को कहा कि बच्चों की तबियत अब ठीक है. अगले दो दिन बारिश की संभावना नहीं है और गुफा से काफ़ी सारा पानी बाहर निकाला जा चुका है. ऐसे में बच्चों को बाहर निकालने की कार्यवाही शुरू करने का ये सही समय है. हमें जल्द से जल्द अंतिम फ़ैसला करना होगा.
फिलहाल गुफा की स्थिति
गुफा के मुख से क़रीब 4 किलोमीटर भीतर और पहाड़ की चोटी से क़रीब एक किलोमीटर नीचे बच्चों का ये समूह फंसा हुआ है.
वहीं इनके लिए खाना, पानी, दवाइयाँ और ऑक्सीज़न पहुँचाई जा रही है लेकिन जिस चैंबर में ये बच्चे बैठे हुए हैं, उसके पास पानी का बहाव बहुत ज़्यादा है.
ये कितना ख़तरनाक है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को एक गोताखोर समन गुनन की मौत हो गई.
बच्चों के संदेश
इससे पहले थाई नेवी सील ने बच्चों द्वारा लिखकर भेजे गये कुछ संदेश सोशल मीडिया पर शेयर किये थे.
कुछ बच्चों ने लिखा था, “आप लोग चिंता मत करिये… हम सभी बहादुर हैं.” तो कुछ बच्चों ने गुफा में अपनी पसंद का खाना मंगवाया था.
बच्चों के अलावा उनके 25 वर्षीय कोच इक्कापोल चांतावॉन्ग ने भी एक लिखित संदेश भेजा था. उन्होंने लिखा था, “जो कुछ हुआ उसके लिए मैं हर बच्चे के परिजनों से माफ़ी मांगता हूँ. मुझे माफ़ कर दीजिये.”
बच्चे कैसे फंसे?
ये सभी बच्चे और उनके कोच 23 जून की शाम फ़ुटबॉल का अभ्यास करने के बाद इस गुफा को देखने गये थे लेकिन बाढ़ के पानी के कारण सभी गुफा के अंदर फंस गये.
नौ दिन बाद बचावकर्ताओं के एक दल ने इन बच्चों को खोज निकाला था.
बचाव दल के अनुसार गुफा में फंसे बच्चों और उनके कोच ने गुफा के भीतर कोई ऐसी जगह तलाश ली थी जिससे वे बाढ़ के पानी की चपेट में आने से बच गए.
-BBC

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »