फन उठाने से पहले ही आतंक का सफाया, तीन आतंकी ढेर

पुलवामा। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के नापाक मंसूबों को कुचलने के लिए भारतीय सेना आतंक के आकाओं का चुन-चुनकर सफाया कर रही है। जाकिर मूसा के मारे जाने के बाद अल कायदा से जुड़े संगठन अंसार गजवत उल हिंद की कमान संभालने वाले आतंकी हामिद ललहारी (लोन) को भी अब सेना ने मौत के घाट उतार दिया है।
दरअसल, ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ के तहत सेना की रणनीति है कि आतंकी कमांडर चुने जाने या चर्चा में आते ही जल्द से जल्द टॉप आतंकियों को खत्म कर दिया जाए। इसका असर भी दिख रहा है और आतंकी संगठनों के हौसले पस्त हुए हैं। मेसेज साफ है- फन उठाने से पहले ही आतंक का सफाया।
जम्मू-कश्मीर के अवंतिपोरा में मंगलवार को हुए एनकाउंटर में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली। जाकिर मूसा का वारिस हामिद ललहारी उर्फ लोन एनकाउंटर में ढेर हो गया। जून में हामिद को आतंकी संगठन अंसार गजवत उल हिंद का नया चीफ बनाया गया था। मंगलवार को हुए एनकाउंटर में तीन आतंकी मारे गए हैं। इनकी पहचान हामिद लोन, नवीद तक और जुनैद भट के रूप में हुई है।
पहले पुलिस ने तीनों को जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी बताया था। इसी साल 24 मई को पुलवामा जिले में सेना की जॉइंट टीम ने एक मुठभेड़ में जाकिर मूसा को ढेर कर दिया था। इसके बाद हामिद ललहारी नया चीफ बना था। मूसा जब घाटी में आतंकी संगठन चला रहा था तब हामिद उसका सहयोगी था। मूसा की मौत के बाद हामिद घाटी में आतंकी साजिशों को अंजाम दे रहा था।
मूसा के गैंग का सफाया
आपको बता दें कि मूसा की शुरुआती 10 आतंकियों की टीम में हामिद भी शामिल था। बताया जा रहा है कि इस संगठन के सभी लोग मारे जा चुके हैं। एक तरह से इस संगठन का सफाया माना जा रहा है। हमीद ललहारी दक्षिण कश्मीर के एक गांव का रहने वाला है। 2017 में एक एनकाउंटर में बुरहान वानी की मौत के बाद हामिद आतंक की दुनिया में शामिल हुआ था।
घाटी में पांव पसारने की कोशिश में था हामिद
मूसा की मौत के बाद हामिद घाटी में पैर पसारने की कोशिश कर रहा था और स्थानीय युवाओं का ब्रेनवॉश कर उनके हाथों में बंदूक और बारूद थमाने का प्रयास जारी था हालांकि उसे इसमें सफलता नहीं मिल पाई।
जानकारी के अनुसार सेना को मंगलवार दोपहर पुलवामा के अवंतिपोरा के पास कुछ आतंकियों की मूवमेंट की सूचना मिली थी। इस जानकारी के बाद तत्काल सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी और सीआरपीएफ की टीमों को मौके पर भेजा गया। इलाके में सख्त घेराबंदी के बीच राजपुरा गांव के सभी एंट्री पॉइंट्स भी सील कर दिए गए। एनकाउंटर में हामिद लोन समेत तीन आतंकी मारे गए। एनकाउंटर के बाद मीडिया से बात करते हुए जम्‍मू-कश्‍मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, ‘हमारा अगला टारगेट जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी यासिर हो सकता है, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है।’ उन्होंने कहा कि यासिर पाकिस्तानी आतंकी है और वह हामिद ललहारी और उसकी आतंकी गैंग के संपर्क में था।
हथियार सिर्फ मौत देतें हैं, छोड़ें युवा
डीजीपी ने आतंकवाद की राह में जाने वाले कश्मीर घाटी के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हथियार का रास्ता छोड़ दें, ये सिर्फ मौत देते हैं।
उन्होंने कहा, ‘अभी कुछ बिगड़ा नहीं है। जाकिर मूसा के रहते कम नुकसान नहीं हुआ था और मिलिटेंसी की कमान हामिद ललहारी के हाथ में गई तो भी आतंकवाद बढ़ा। खुशी की बात यह है कि अब आतंकी बनने की रफ्तार कम हुआ है।’
-एजेंसियां

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