टेरर फंडिंग: पाकिस्तान को निगरानी वाले देशों की सूची में डालने की पहल शुरू

वॉशिंगटन। अमेरिका ने टेरर फंडिंग को लेकर पाकिस्तान को निगरानी वाले देशों की सूची में डालने की पहल शुरू की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को कहा कि इस्लामाबाद अल-कायदा और उससे जुड़े संगठनों समेत आतंकी समूहों के खिलाफ सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के मुताबिक कार्यवाही नहीं कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने साल 2018 के पहले ट्वीट में आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के लिए पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला था। ट्रंप ने साल के पहले ट्वीट में पाकिस्तान पर ‘झूठ बोलने और धोखा देने’ का आरोप लगाते हुए कहा था कि आतंकवादियों को पनाह देकर वह अमेरिकी नेताओं को मूर्ख बना रहा है।
पिछले साल अगस्त में अमेरिका की नई दक्षिण एशिया नीति का ऐलान करते हुए ट्रंप ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी थी कि अगर वह आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही में नाकाम रहता है तो अमेरिका खुद कार्यवाही करेगा।
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने टेरर फंडिंग पर रोक लगाने में नाकाम रहने की वजह से पाकिस्तान को ग्लोबल वॉचलिस्ट में शामिल करने के लिए फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) में एक प्रस्ताव लाया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन ने कुछ हफ्ते पहले पाकिस्तान को इंटरनेशनल मनी लॉन्ड्रिंग व टेरर फंडिंग के शक वाले देशों की ‘ग्रे लिस्ट’ में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। फ्रांस और जर्मनी भी इस कदम में अमेरिका के साथ हैं।
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘1267 समिति’ आतंकी गतिविधियों में शामिल संगठनों और आतंकियों को प्रतिबंधित सूची में शामिल करती है और संबंधित देशों को उनके खिलाफ कार्यवाही का निर्देश देती है। सुरक्षा परिषद ने सदस्य देशों से सूची में शामिल संगठनों और आतंकियों से जुड़ी संपत्तियों को फ्रीज करने, उनके आवागमन पर रोक लगाने, उनके पास प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर हथियारों और सैन्य उपकरणों की सप्लाइ पर रोक लगाने को कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तान इन निर्देशों पर अमल नहीं कर रहा है। FATF की इस महीने के आखिर में बैठक होने वाली है, जिसमें अमेरिका के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। हालांकि विदेश विभाग ने प्रस्ताव के बारे में विस्तार से नहीं बताया। बता दें कि अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कार्रवाई की आशंका से पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते चुपके से ऐंटी-टेरर लॉ में संशोधन करते हुए हाफिज सईद के संगठनों जमात-उद-दावा और फतह-ए-इंसानियत को आतंकी संगठनों की सूची में डाला था।
-एजेंसी