Terror funding: NIA ने श्रीनगर और दिल्‍ली में कुल 16 जगह पर मारे छापे

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने Terror funding मामले में कथित तौर पर शामिल कारोबारियों के श्रीनगर के 11 और दिल्ली में 5 ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस दौरान एनआईए के अधिकारियों ने संदिग्ध स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया।
यह छापेमारी उस समय की गई जब एक दिन पहले एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक फोटो पत्रकार शामिल है जो पथराव करने और सोशल मीडिया के जरिए सुरक्षा बलों के खिलाफ समर्थन जुटाने में कथित तौर पर संलिप्त था।
एनआईए की ओर से की गई गिरफ्तारियां और छापेमारी 30 मई को दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा नेता हाफिज सईद बतौर आरोपी नामजद है।
एनआईए ने कश्मीर घाटी में अशांति पैदा करने के लिए आतंकवाद और विध्वंसकारी गतिविधियों को कथित तौर पर फंडिंग के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ हवाला समेत अवैध माध्यमों के जरिए फंडिंग केस हैं। इसमें पथराव, स्कूल जलाना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़कर घाटी में शांति भंग करने के मामले शामिल हैं।
1990 के दशक की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के फलने-फूलने के बाद से यह पहली बार है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आतंकवादी और अलगाववादी संगठनों की फंडिंग को लेकर छापे मारे हैं। उल्‍लेखनीय है कि घाटी में टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए श्रीनगर के कारोबारी और कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के नजदीकी जहूर अहमद वटाली से सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। वटाली पर आरोप है कि उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों, अलगाववादियों और पत्थरबाजों को फंड्स उपलब्ध कराए। यह भी शक है कि वटाली के कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं के अलावा सीमा पार खुफिया एजेंसी के अधिकारियों, सैन्य अफसरों और कई राजनेताओं तक से रिश्ते हैं।
-एजेंसी