बेलारूस में जन विद्रोह के बीच नाटो और रूस के बीच तनाव गहराया, अमेरिका ने भेजे बमवर्षक विमान

बेलारूस में जनता के विद्रोह के बीच नाटो और रूस के बीच तनाव गहराता जा रहा है। रूस ने बेलारूस के राष्‍ट्रपति अलेक्‍जेंडर लुकाशेन्‍को को अपना समर्थन दिया है लेकिन नाटो देश उनका विरोध कर रहे हैं। करीब 26 साल में सत्‍ता पर काबिज बेलारूस के राष्‍ट्रपति ने आरोप लगाया है कि नाटो उनके देश में बंटवारा कराना चाहता है और उन्‍हें सत्‍ता से हटाना चाहता है। नाटो और रूस में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने 6 B-52 बमवर्षक विमान ब्रिटेन भेजे हैं। ये विमान करीब 120 मिसाइलों से लैस हैं और इनमें से कुछ परमाणु हथियारों से लैस हैं।
ब्रिटेन से यूरोप और अफ्रीका पर नजर रखेंगे B-52 बॉम्‍बर
अमेरिकी वायुसेना ने एक बयान जारी करके कहा है कि छह B-52 बॉम्‍बर उत्‍तरी डकोटा के मिनोट एयर फोर्स बेस से उड़ान भरकर 22 अगस्‍त को ब्रिटेन के फेयरफोर्ड हवाई ठिकाने पर पहुंचे हैं। अमेरिका ने कहा कि ये बमवर्षक विमान यूरोप और अफ्रीका में फ्लाइट ट्रेनिंग अभियान में हिस्‍सा लेंगे। अमेरिका ने कहा कि वर्ष 2018 से ही ये बॉम्‍बर यहां पर आते रहे हैं और इनका मकसद नाटो सहयोगियों और अन्‍य क्षेत्रीय भागीदारों के साथ अपना परिचय कराना है। यूएस एयरफोर्स ने कहा कि यह बॉम्‍बर मिशन तैयारी को बढ़ाएगा और जरूरी ट्रेनिंग मुहैया कराएगा। साथ ही पूरे विश्‍व में किसी भी संभावित संकट और चुनौतियों का जवाब देगा।
‘यूरोप-अफ्रीका में किसी भी संकट से निपटने को तैयार’
यूएस एयरफोर्स के यूरोप और अफ्रीका के कमांडर जेफ हैरिसन ने कहा, ‘B-52 फेयरफोर्ड लौट आए हैं और जल्‍द ही पूरे इलाके में संचालन करेंगे। यह बहुत ही सक्रिय तैनाती होगी। हमारी क्षमता है कि किसी संकट के समय तेजी से प्रतिक्रिया दी जाए और सहयोगियों को आश्‍वासन दिया जाए कि हम बहुत कम समय में तैनाती के लिए तैयार हैं। इन बॉम्‍बर्स की यहां उपस्थिति से हमारे नाटो सहयोगियों में विश्‍वास बढ़ेगा और उनके साथ विभिन्‍न परिस्थितियों में ट्रेनिंग करने का मौका मिलेगा।’ उन्‍होंने कहा कि इन बॉम्‍बर्स की तैनाती यह बताती है कि कोरोना संकट के बाद भी यूएस एयरफोर्स पूरी तरह से तैयार है और यूरोप तथा अफ्रीका में किसी भी बाह्य संकट के समय अपने सहयोगियों को मदद देगी।
बेलारूस के राष्‍ट्रपति ने नाटो पर बोला बड़ा हमला
बेलारूस के राष्‍ट्रपति ने आरोप लगाया है कि ‘विदेश शक्तियां’ देश से लगती सीमा पर सैन्‍य जमावड़ा कर रही हैं। सेना की वर्दी पहने राष्‍ट्रपति अलेक्‍जेंडर लुकाशेन्‍को ने कहा कि उन्‍होंने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है। नाटो ने बेलारूस के राष्‍ट्रपति के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
बता दें कि बेलारूस की जनता का आरोप है कि आम चुनाव में फर्जीवाड़ा किया गया है। लाखों की संख्‍या में प्रदर्शनकारी राष्‍ट्रपति भवन के आसपास प्रदर्शन कर रहे हैं। इस जनता के प्रदर्शनों से टेंशन में आए बेलारूस के राष्‍ट्रपति ने देशभर में सेना को तैनात कर दिया है। यही नहीं, खुद राष्‍ट्रपति एलेक्‍जेंडर लुकाशेन्‍को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर सैनिकों के साथ नजर आए। उन्‍होंने अपने हाथ में असाल्‍ट राइफल ले रखी थी।
यूरोप के ‘अंतिम तानाशाह’ के समर्थन में पुतिन, चेताया
दरअसल, 95 लाख की आबादी वाला बेलारूस पश्चिमी देशों और रूस के बीच प्रतिस्‍पर्द्धा में फंस गया है। यूरोप के अंतिम तानाशाह कहे जाने वाले बेलारूस के वर्तमान राष्‍ट्रपति का रूस ने समर्थन किया है। अस्तित्‍व के संकट से जूझ रहे बेलारूस के राष्‍ट्रपति ने रूस से मदद मांगी है। उनका कहना है कि नाटो के सदस्‍य देश पोलैंड और लिथुआनिया खुद को उसके साथ जंग के लिए तैयार कर रहे हैं। रूस ने तत्‍काल सैन्‍य हस्‍तक्षेप से तो इंकार किया है लेकिन उसने पश्चिमी देशों की निंदा की है। रूस ने हालांकि यह भी माना है कि चुनाव में कुछ गड़बड़‍ियां हुई हैं।
दुनिया के सबसे घातक बॉम्‍बर में शामिल है बी-52
अमेरिका ने इस बढ़ते संकट को देखते हुए अपने B-52 बॉम्‍बर को ब्रिटेन भेजा है। ये बमवर्षक विमान परमाणु और परंपरागत दोनों ही तरह के हथियारों और मिसाइलों से लैस होते हैं। यह बॉम्‍बर एक बार में 32,000 किलो हथियार ले जा सकता है। इसकी मारक क्षमता करीब 14,080 किलोमीटर है। इसमें 6 इंजन लगे होते हैं और इसे खासतौर रूसी खतरे को ध्‍यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अमेरिका ने 58 B-52 बमवर्षक विमानों को एक्टिव ड्यूटी पर लगा रखा है। यह सबसॉनिक स्‍पीड से उड़ान भरने में सक्षम हैं।
-एजेंसियां

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