चीन और कनाडा के बीच तनाव बढ़ा: ट्रूडो ने कहा, हम मजबूती से खड़े रहेंगे

बैंकूवर। चीन और कनाडा में जारी तनाव अब और गहराता नजर आ रहा है। शुक्रवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ऐलान किया कि उनका देश चीन के मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ लड़ता रहेगा। कुछ दिनों पहले की चीनी राजदूत ने ट्रूडो सरकार को हॉन्ग कॉन्ग और शिनजियांग मामले पर बोलने को लेकर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। चीन और कनाडा में पहले से ही हुवेई प्रकरण को लेकर तनाव चल रहा है।
क्या कहा ट्रूडो ने
पीएम ट्रूडो ने कहा कि हम मानवाधिकारों के समर्थन में मजबूती से खड़े रहेंगे। चाहे वह उइगुर समुदाय की परेशानियों के बारे में बात हो या फिर हॉन्ग कॉन्ग की चिंताजनक स्थिति के बारे में या फिर चीन की बलपूर्वक कूटनीति के बारे में बात करना हो। ट्रूडो ने कहा कि कनाडा दुनिया भर में अपने उन सहयोगियों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूरोपीय देशों के साथ खड़ा है, जो मानवाधिकार उल्लंघनों के प्रति चिंतित हैं।
चीनी राजदूत ने दी थी यह चेतावनी
कनाडा में चीन के राजदूत ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार को चेतावनी देते हुये कहा था कि वह हॉन्ग कॉन्ग में लागू किये गये राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की वजह से वहां से भागकर यहां आने वालों को को शरण नहीं दें। चीन की ओर से हॉन्ग कॉन्ग में लागू किये इस कानून की खूब आलोचना हुई है। राजदूत कोंग पियू ने हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को हिंसक अपराधी करार दिया है और कहा है कि अगर कनाडा उन्हें शरण देता है तो इसे चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के रूप में देखा जाएगा।
हॉन्ग कॉन्ग को लेकर कनाडा और चीन में तनाव
प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कुछ दिनों पहले ही हॉन्ग कॉन्ग के साथ अपनी प्रत्यर्पण संधि को खत्म कर दिया था। इसके अलावा कनाडा ने हॉन्ग कॉन्ग को भेजे जाने वाले सैन्य उपकरणों के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। कनाडा ने ये कदम चीन के विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को हॉन्ग कॉन्ग के ऊपर लागू करने के बाद उठाया है।
चीन ने कनाडा को दी थी अंजाम भुगतने की धमकी
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कनाडा के इन फैसलों के बाद कहा था कि चीन कड़े शब्दों में इसकी निंदा करता है और इस मामले में आगे भी जवाब देने का अधिकार रखता है। इसके जो भी परिणाम होंगे इसके लिए कनाडा जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि चीन पर किसी तरह का दबाव डालने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।
Huawei को लेकर भी दोनों देशों में तकरार
2018 में जब कनाडा ने चीन की कंपनी हुआवे के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) मेंग वांग्जो को गिरफ्तार किया था। तभी से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध खराब हो गए थे। कनाडा ने बाद में मेंग को अमेरिका को प्रत्यर्पित कर दिया। जिसको लेकर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। मेंग हुआवेई के संस्थापक रेन झेंगफेई की बेटी हैं और कंपनी के निदेशक मंडल की उपाध्यक्ष भी हैं। उन्हें अमेरिका के बैंक धोखाधड़ी के आरोप में वैंकूवर में दिसंबर 2018 में हिरासत में लिया गया था। उनके ऊपर ईरान की सरकार के साथ अपनी कंपनी के सौदे को लेकर निवेश बैंक एचएसबीसी होल्डिंग्स को गुमराह करने का भी आरोप है।
हुवेई के जरिए जासूसी कर रहा चीन
Huawei चीन की प्रमुख कंपनियों में से एक है और यह कंपनी अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच निशाने पर है। अमेरिका पहले ही अपने दूरसंचार नेटवर्क और प्रौद्योगिकी में हुआवेई की भागीदारी को प्रतिबंधित कर चुका है। अमेरिका का कहना है कि 5जी प्रौद्योगिकी में हुआवेई की भागीदारी का लाभ उठाकर चीन जासूसी कर सकता है।
-एजेंसियां

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