लद्दाख में तनाव चरम पर: एक भारतीय अफसर और दो जवान शहीद, चीन के भी कई जवान हताहत

नई दिल्‍ली। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। गलवान घाटी में सेनाओं को पीछे करने की कवायद के दौरान दोनों देशों की सेनाओं में झड़प की खबर है।
सेना के मुताबिक हिंसक संघर्ष में भारत ने एक अधिकारी और दो जवान खो दिए हैं। चीन की तरफ कितना नुकसान हुआ है, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद दोनों सेनाओं के वरिष्‍ठ अधिकारी मौके पर मुलाकात कर हालात संभालने की कोशिश में लगे हुए हैं।
70 के दशक में चली थी आखिरी गोली गोली
भारत और चीन के बीच सीमा पर आखिरी गोली 70 के दशक में चली थी। जैसी खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक गलवान घाटी में इस बार भी फायरिंग नहीं हुई है। गलवान घाटी उन पॉइंट्स में है जहां चीन की सेना ने घुसपैठ की थी। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद चीनी सेना कुछ पॉइंट्स से वापस हटने लगी थी मगर इस घटना के बाद सीमा पर तनाव और बढ़ने की आशंका है।
चीन ने पैदा किया है LAC पर तनाव
मई के शुरुआती दिनों में चीनी सैनिकों ने LAC पर आक्रामक रुख अपनाना शुरू किया। पूर्वी लद्दाख में चार जगहों पर पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने घुसपैठ की। बड़ी संख्‍या में चीनी सैनिक आर्टिलरी और बख्‍तरबंद गाड़‍ियों के साथ LAC के पास मौजूद हैं। गलवान घाटी और पैंगोंग झील, दो मुख्‍य पॉइंट हैं जहां दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं।
चीनी सैनिक गलवान घाटी से हटने को तैयार नहीं
तमाम बातचीत के बाद भी चीन के सैनिक गलवान घाटी से हटने को तैयार नहीं थे। भारतीय सैनिक चीनी जवानों को कल रात पीछे धकेल रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई। जिसमें भारत के तीन जवान शहीद हो गए हैं।
तनाव सुलझाने को मिलिट्री लेवल पर बातचीत
गलवान घाटी में घुसपैठ को खत्‍म करने के लिए कई स्‍तर पर बातचीत चल रही है। यहां पर चीन की मौजूदगी दारबुक-श्‍योक-दौलत बेग ओल्‍डी रोड के लिए खतरा है। यह रोड काराकोरम पास के नजदीक तैनात जवानों तक सप्‍लाई पहुंचाने के लिए बेहद अहम है। पैंगोंग झील का मसला और पेचीदा है। यहां पर चीन ने फिंगर 8 से 4 के बीच 50 वर्ग किलोमीटर से ज्‍यादा भूमि पर कब्‍जा कर रखा है। चीन ने फिंगर 4 के बेस के पास कैंप लगाए हैं। इसके आगे भारत की पैट्रोलिंग टीम को नहीं जाने दिया जा रहा जबकि फिंगर 8 तक भारत का इलाका है। चीन फिंगर 4 तक ही भारत की सीमा मानता है।
1975 के बाद पहली बार LAC पर शहीद हुए जवान
भारत और चीन का बॉर्डर जहां पिछले 4 दशकों से हिंसा नहीं देखने को मिली वहां माहौल सोमवार रात अचानक बदल गया। चीन की तरफ से लद्दाख बॉर्डर पर हिंसा हुई जिसमें हमने अपनी सेना के एक अधिकारी और दो जवानों को खो दिया। ऐसा करीब 45 साल बाद हुआ है कि भारत-चीन बॉर्डर पर हिंसा में किसी सैनिक की शहादत हुई हो। वैसे माना जाता है कि LAC बॉर्डर पर आखिरी फायरिंग (दोनों तरफ से) 1967 में हुई थी, लेकिन ऐसा सच नहीं है। चीन की तरफ से 1975 में भी भारतीय सैनिकों पर हमला हुआ था।
1967 की पूरी कहानी
भारत और चीन के बीच आखिरी गोली 1967 में चली थी। यानी 53 साल पहले। यह हिंसक झड़प सिक्किम में हुई थी। चीन वहां इसलिए चिढ़ा हुआ था क्योंकि 1962 की जंग के बाद भारत उस इलाके में अपनी स्थिति लगातार बेहतर कर रहा था। 1967 की इस जंग में भारत के 80 जवान शहीद हुए थे। वहीं चीन के करीब 400 सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी।
1975 में चीन ने फिर किया था हमला
दोनों देशों की तरफ से आखिरी गोलीबारी 1967 में जरूर हुई थी लेकिन इसके 8 साल बाद भी चीन ने घात लगाकर हमला किया था। इसमें चार भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।
लाख तनाव के बावजूद चीनी सीमा पर हिंसा नहीं होने की तारीफ पीएम नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि दोनों देशों तरफ से बॉर्डर पर एक भी गोली नहीं चलाई गई है जो दोनों की ही ‘परिपक्वता’ दिखाता है। अब तक जब कोरोना वायरस पर खुलती पोल के बीच चीन बौखलाया हुआ है तो क्या भारत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसपर अपना स्टैंड बदलेंगे, यह देखना होगा।
भारत के सैनिकों ने सीमा पार करके चीनी जवानों पर हमला किया: चीन
पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात को भारत के 3 सैनिकों की पीट-पीटकर हत्‍या करने के बाद चीन अब उल्‍टे भारत पर ही धौंस दिखा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय से जब भारतीय जवानों की शहादत के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि भारत एकतरफा कार्यवाही न करे या समस्‍या को न भड़काए। चीन ने दावा किया कि भारत के सैनिकों ने सीमा को पार किया और चीनी जवानों पर हमला किया।
उधर, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ ल‍िजिन से जब इस हिंसक झड़प के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें भारत की सीमा पर हुई इस झड़प के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि इस झड़प में भारत ने एक अधिकारी और दो जवानों के साथ चीन के भी कई जवान हताहत हुए हैं। इस घटना के बाद पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
गलवान घाटी में सेनाओं को पीछे करने की कवायद के दौरान दोनों देशों की सेनाओं में झड़प की खबर है। सेना के मुताबिक हिंसक संघर्ष में भारत ने एक अधिकारी और दो जवान खो दिए हैं। चीन की तरफ कितना नुकसान हुआ है, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद, दोनों सेनाओं के वरिष्‍ठ अधिकारी मौके पर मुलाकात कर हालात संभालने की कोशिश में लगे हुए हैं।
1975 के बाद चली गोली?
भारत और चीन के बीच सीमा पर आखिरी गोली 1975 में चली थी। जैसी खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक गलवान घाटी में करीब 40 साल बाद यह सिलसिला टूट गया है। गलवान घाटी उन पॉइंट्स में है जहां चीन की सेना ने घुसपैठ की थी। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद, चीनी सेना कुछ पॉइंट्स से वापस हटने लगी थी मगर इस घटना के बाद, सीमा पर तनाव और बढ़ने की आशंका है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *