तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन मोहम्मद अशरफ सेहराई गिरफ्तार

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन मोहम्मद अशरफ सेहराई को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सेहराई को उनके आवास से सुबह करीब पांच बजे गिरफ्तार किया।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कि अलगाववादी हुर्रियत नेता अशरफ सेहरई (Ashraf Sahrai) के खिलाफ सख्त जनसुरक्षा कानून (PSA) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है, इसके साथ ही प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के कुछ अन्य सदस्य हिरासत में लिए गए हैं।
सिंह ने बताया कि पाकिस्तान समर्थक तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष सेहरई के अलावा जमात-ए-इस्लामी के करीब 12 अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है।

सेहरई 26 अलगवावादी संगठनों के समूह ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस में तहरीक-ए-हुर्रियत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

हुर्रियत का यह धड़ा मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले धड़े से अलग है। फारूक जम्मू-कश्मीर में हिंसा को खत्म करने के लिए वार्ता के पक्ष में हैं।

सेहराई कश्मीरी अलगाववादी नेता और तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष हैं। वह हुर्रियत के इतिहास में पहली बार हुए चुनाव के माध्यम से चेयरमैन चुने गए थे।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सेहराई को आज सुबह गिरफ्तार किया गया है। हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि सेहराई पर यह कार्यवाही किस मामले में की गई है। सेहराई को 19 मार्च 2018 में तहरीक-ए-हुर्रियत की मजलिस-ए-शोरा द्वारा कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें 19 अगस्त को 3 साल के लिए अध्यक्ष के रूप में चुना गया।
मोहम्मद अशरफ सेहराई 1959 में सैयद अली शाह गिलानी के सहयोगी बने थे। 1965 में सरकार विरोधी गतिविधियों के कारण सेहराई को पहली बार जेल भेजा गया था। सेहराई का बेटा जुनैद एमबीए की पढ़ाई करने के बाद हिजबुल का आतंकी बन गया था जोकि हाल ही में श्रीनगर में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था।

-एजेंसियां

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