TCS Eye-On संस्कृति के छात्रों को देगी तकनीकी ज्ञान

छात्र-छात्राएं 60 दिन की लेंगे TCS Eye-On मेें समर ट्रेनिंग

मथुरा। टाटा ग्रुप की प्रख्यात कम्पनी TCS Eye-On ने संस्कृति यूनिवर्सिटी के टेक्निकल एज्यूकेशन के छात्र-छात्राओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाने का निर्णय लिया है। गुरुवार को यूनिवर्सिटी के सीएस, आईटी, ईसी के कोई डेढ़ दर्जन छात्र-छात्राएं दो माह की समर ट्रेनिंग के लिए नोएडा के लिए रवाना हुए।

संस्कृति यूनिवर्सिटी के हेड कार्पोरेट रिलेशन आर.के. शर्मा का कहना है कि टेक्निकल एज्यूकेशन में सिर्फ किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता, इसके लिए छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी-बड़ी कम्पनियों की कार्यप्रणाली को देखना और समझना भी बहुत जरूरी है। श्री शर्मा का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी युवा पीढ़ी को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दक्ष करने के लिए न केवल लेटेस्ट टेक्निक को प्रमुखता दे रही है बल्कि उसके प्रयास हैं कि यहां अध्ययन करने वाला हर छात्र बड़ी-बड़ी कम्पनियों की जरूरतों और उसकी कार्यप्रणाली से भी समय-समय पर रू-ब-रू होता रहे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने देश की ख्यातिनाम कम्पनियों से अनुबंध कर यहां टेक्निकल एज्यूकेशन हासिल कर रहे दूसरे और तीसरे साल के छात्र-छात्राओं को 45 से 60 दिनों की समर ट्रेनिंग दिलाने का फैसला लिया है।

मैनेजर कार्पोरेट रिलेशन तान्या उपाध्याय का कहना है कि हर एक स्टूडेंट में कुछ न कुछ खास बात होती है। संस्कृति यूनिवर्सिटी का प्रयास है कि गर्मी की छुट्टियां स्टूडेंट्स में छिपे टैलेंट को निखारने के काम आएं। सुश्री तान्या उपाध्याय ने बताया कि गुरुवार को यूनिवर्सिटी के सीएस, आईटी, ईसी के कोई डेढ़ दर्जन छात्र-छात्राएं नोएडा स्थित टीसीएस आई-आन कम्पनी में दो माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए रवाना हुए। इन छात्र-छात्राओं में भाव्या कुमारी, ज्योति प्रकाश, मोनिका, तारणा कुमारी, जीशान, बादाम सिंह, सत्यजीत कुमार, विभव गुप्ता, कन्हैया सिंह, पवन कुमार, वेद प्रकाश, बुलबुल गोयल, नताशा गुप्ता, डिप्लोमा इंजीनियरिंग के अनमोल, संजू, प्रिंस, आशीष कुमार साहू, केशव शर्मा शामिल हैं।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के टेक्निकल एज्यूकेशन के छात्र-छात्राओं का समय बर्बाद न हो इसके लिए हमने बड़ी-बड़ी कम्पनियों से अनुबंध किया है। समर ट्रेनिंग से छात्र-छात्राओं को स्वयं को पहचानने का अवसर मिलता है, उनका टैलेंट निखरता है तथा उनकी क्रिएटिविटी भी प्रभावित नहीं होती। हमारा प्रयास है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स गर्मियों की छुट्टियों का सही इस्तेमाल करें ताकि शिक्षा पूरी करने से पहले वे किसी न किसी बड़ी कम्पनी में अपना करियर बना सकें। श्री गुप्ता ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे समर ट्रेनिंग के लिए जिस भी कम्पनी में जाएं, पूरी निष्ठा से वहां तकनीकी कौशल को आत्मसात करें। संस्थान के कार्यकारी निदेशक पीसी छाबड़ा, एकेडमिक डीन डा. संजीव कुमार सिंह, निदेशक इंजीनियरिंग डा. राकेश धीमान तथा लाइफ स्किल विभाग के असिस्टेंट प्रो. नवनीत बल्लभ गौतम ने TCS Eye-On कम्पनी में समर ट्रेनिंग को जा रहे छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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