Sanskriti University में तकनीकी सर्टीफिकेट कोर्स 15 से

Sanskriti University में पहले ही दिन 117 छात्र-छात्राओं ने लिया प्रवेश

मथुरा। जनपद मथुरा के इण्टर पास छात्र-छात्राओं को अब आधुनिक तकनीकी कोर्स के लिए जिले से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुपरिचित संस्थान संस्कृति विश्वविद्यालय के सेण्टर आफ एक्सीलेंस में 15 जनवरी से दो से तीन महीने के सर्टीफिकेट कोर्स प्रारम्भ हो रहे हैं। नामांकन के पहले ही दिन 117 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई.) के संयुक्त प्रयासों से संस्कृति विश्वविद्यालय में संचालित सेण्टर आफ एक्सीलेंस से आटो कैड, प्रो-ई, सेंसर्स, ड्राइव्स, रोबोटिक्स तथा पी.एल.सी. के सर्टीफिकेट कोर्स के साथ ही छात्र-छात्राएं द्विवर्षीय मैन्यूफैक्चरिंग टेक्नोलाजी एवं आटोमेशन (एम.टेक) कोर्स भी कर सकेंगे। गौरतलब है कि मथुरा जनपद के युवाओं को अभी तक आधुनिक तकनीकी दक्षता के लिए आगरा या दिल्ली जाना होता था। संस्कृति विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई.) से समझौता कर सेण्टर आफ एक्सीलेंस को मूर्तरूप दिया है।

अब संस्कृति विश्वविद्यालय के सेण्टर आफ एक्सीलेंस से इण्टर पास छात्र-छात्राएं रियायती शुल्क में पढ़ाई के साथ ही आटो कैड और प्रो-ई के सर्टीफिकेट कोर्स कर सकेंगे। इतना ही नहीं इस उत्कृष्टता केन्द्र से पालीटेक्निक डिप्लोमाधारी और बी.टेक में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं दो-तीन महीने में ही सेंसर्स, ड्राइव्स, रोबोटिक्स तथा पी.एल.सी. जैसे आधुनिक तकनीकी कौशल से रू-ब-रू होने के साथ ही अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। यहां के सेण्टर आफ एक्सीलेंस में छात्र-छात्राओं को द्विवर्षीय एम.टेक कोर्स भी कराया जाएगा।

उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति विश्वविद्यालय का उद्देश्य मथुरा और उसके आसपास के जिलों के युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर स्वावलम्बी बनाना है ताकि शिक्षा पूरी करने के बाद वह नौकरी के पीछे न भागें। श्री गुप्ता ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई.) द्वारा संस्कृति विश्वविद्यालय में सेण्टर आफ एक्सीलेंस खोले जाने को अभूतपूर्व निर्णय करार देते हुए कहा कि इससे सिर्फ मथुरा ही नहीं उसके आसपास के जिलों के युवा भी लाभान्वित होंगे।

आज तकनीकी युग है ऐसे में हमारा प्रयास है कि सिर्फ संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं ही नहीं बल्कि दूसरे कालेज के विद्यार्थियों को भी सेण्टर आफ एक्सीलेंस का लाभ मिलना चाहिए। श्री गुप्ता ने युवाओं का आह्वान किया कि वे Sanskriti University के इस सेण्टर से तकनीकी दक्षता हासिल कर अपने सपनों को साकार करें।