इंग्लैंड में सरे के लिए County क्रिकेट खेलेंगे टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली

यह बात अब साफ हो चुकी है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट में हिस्सा न लेकर इंग्लैंड में सरे के लिए County क्रिकेट खेलेंगे। काउंटी में खेलने वाले विराट पहले भारतीय नहीं हैं। इस साल विराट के अलावा इशांत शर्मा, चेतेश्वर पुजार और वरुण एरॉन County में अपने हुनर को मांझ रहे हैं। विराट से पहले ये दिग्गज भी बने हैं काउंटी क्रिकेट का हिस्सा-  
सुनील गावसकर (1980) 
दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावसकर ने इंग्लिश County समरसेट के लिए एक सीजन क्रिकेट खेला। उन्होंने 15 फर्स्ट क्लास मैचों में 686 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 34.29 रहा। गावसकर इंग्लिश परिस्थितियों में अपनी छवि के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने सरे के खिलाफ ओवल में 138 रनों की पारी खेली इसके अलावा ग्लास्टरशर के लिए 75 रन बनाए। समरसेट के लिए 16 मैचों में उन्होंने ग्लैमरॉन और नॉटिंगमशर के खिलाफ हाफ सेंचुरी लगाईं। इसके अलावा केंट के खिलाफ 90 और मिडलसेक्स के खिलाफ 123 रन बनाए। 
मोहम्मद अजहरुद्दीन (1991, 1994) 
अजहर ने 1990 के दशक में County क्रिकेट के दो सीजन में भाग लिया। उन्होंने डर्बिशर के लिए 31 मैचों में कुल 54.56 के बल्लेबाजी औसत से 2728 रन बनाए। उन्होंने कुल नौ शतक और 11 अर्धशतक भी जमाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 212 रन रहा। वहीं 30 वनडे मैचों में उन्होंने 46.77 के बल्लेबाजी औसत से 1029 रन बनाए। 
सचिन तेंडुलकर (1992) 
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदापर्ण करने के तीन साल बाद 19 वर्षीय तेंडुलकर ने काउंटी क्रिकेट खेला। वह यॉर्कशर इंग्लिश County के लिए खेलने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी रहे। उन्होंने 16 काउंटी चैंपियनशिप मैचों में 46.52 के बल्लेबाजी औसत से 1070 रन बनाए। उन्होंने सात हाफ सेंचुरी लगाईं और डरहम के खिलाफ 96 रनों की पारी खेली। तेंडुलकर ने इन साढ़े चार महीनों को अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ समय में बताया था। 
जवागल श्रीनाथ (1995) 
भारतीय तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ ने 25 साल की उम्र में ग्लॉस्टरशर County के लिए शानदार सीजन खेला। इस दौरान उन्होंने 87 विकेट लिए। काउंटी को श्रीनाथ का नाम वेस्ट इंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज कॉर्टनी वॉल्श ने सुझाया था। मैसूर एक्सप्रेस के नाम से मशहूर श्रीनाथ उस काउंटी सीजन में पांचवें सबसे कामयाब गेंदबाज रहे। ग्लॉस्टरशर उस सीजन में 17 में से 8 मैच जीतकर छठे स्थान पर रही। श्रीनाथ ने हर जीत में अहम भूमिका निभायी और उन मैचों में 39 विकेट लिए। 
अनिल कुंबले (1995) 
जिस सीजन में श्रीनाथ ने County सीजन में धमाल मचाया उसी साल उनके कर्नाटक और भारतीय टीम के साथी अनिल कुंबले ने भी काउंटी क्रिकेट खेला। कुंबले ने नॉर्थम्पटनशर के लिए खेले. वह 100 से ज्यादा विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज रहे। इस प्रदर्शन ने उन्हें पांच विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर में से एक बनाया। पूरे सीजन में कुंबले ने 900 से ज्यादा ओवर फेंके और 105 विकेट लिए। उनका औसत 20.40 रहा। उनके प्रदर्शन ने नॉर्थम्पटनशर तीसरे स्थान पर रहे। 
राहुल द्रविड़ (2000, 2003) 
राहुल द्रविड़ ने वर्ष 2000 में केंट के लिए क्रिकेट खेला। इस दौरान 16 फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने दो शतकों की मदद से 1221 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत रहा 55.50। 50 ओवर के नेशनल लीग में उन्होंने एक सेंचुरी लगाई। बेनसन ऐंज हेजेस के दो मैचों में उन्होंने 50 रन बनाए नैटवेस्ट ट्रोफी के दो मैचों में द्रविड़ ने 76 रन बनाए। द्रविड़ ने केंट के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। उस टीम के कोच उस समय जॉन राइट थे। द्रविड़ ने खुद माना कि इंग्लैंड में बिताए पांच महीनों ने उन्हें बेहतर बल्लेबाज बनाया। 
तीन सीजन बाद द्रविड़ एक बार फिर County खेलने पहुंचे। इस बार वह स्कॉटलैंड के साथ खेले। टूर मैच में वह पाकिस्तान के खिलाफ खाता भी नहीं खोल पाए। द्रविड़ ने समरसेट के खिलाफ 120* और नॉटिंगमशर के खिलाफ 129 रन बनाए। स्कॉटलैंड के लिए उन्होंने 66.66 के औसत से 600 नैशनल लीग रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने तीन शतक और दो हाफ सेंचुरी बनाई थीं। 
सौरभ गांगुली (2000, 2005, 2006) 
गांगुली का नाम इंग्लिश County लंकाशर के लिए ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी बॉब सिम्सन ने प्रस्तावित किया था। सिम्सन, इंग्लैंड में खेले गए 1999 विश्व कप में भारतीय टीम के सलाहकार थे। काउंटी का पहला सीजन गांगुली के लिए मिला-जुला ही रहा। चार-दिवसीय मुकाबलों में उन्होंने 21 पारियों में 31.95 के औसत से 671 रन बनाए। बेनसन ऐंड हेजेस कप में वह 6 पारियों में सिर्फ 62 रन बना पाए लेकिन नेशनल लीग और नैटवेस्ट ट्रोपी में गांगुली शानदार फॉर्म में रहे। नेशनल लीग की 13 पारियों में उन्होंने 569 रन जोड़े। उनक बल्लेबाजी औसत करीब 52 का रहा। वहीं नैटवेस्ट में उन्होंने करीब 100 की औसत से तीन मैचों में 200 रन बनाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 135* रहा। 
मोहम्मद कैफ (2002, 2003) 
कैफ ने 2002 में लीस्टरशर के लिए एक चैंपियनशिप मैच खेला जिसमें उन्होंने 56 रन बनाए। वहीं एक नेशनल लीग मैच में उन्होंने 60* बनाए। 2003 मं उन्होंने डर्बीशर के लिए खेला और 15 पारियों में 332 रन बनाए। उनका सर्वोच्च रहा 87 रना। 8 नेशनल लीग गेम्स में उन्होंने 225 रन बनाए। C&G ट्रोफी में दो हाफ सेंचुरी लगाईं। इसके अलावा पांच टी20 मैचों में 18.53 के औसत से रन बनाए। 
वीरेंदर सहवाग (2003) 
सहवाग सिर्फ एक सीजन County क्रिकेट खेले। वह साउथ अफ्रीका में विश्व कप के बाद वहां पहुंचे थे। लीससेस्टरशर के लिए बहुत अच्छा नहीं रहा। कमर में चोट के कारण उन्हें सीजन बीच में ही छोड़कर आना पड़ा। 10 चार दिवसीय मैचों में 478 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो शतक और एक हाफ सेंचुरी लगाई। नेशनल लीग में उन्होंने सात मैचों में 33.28 के औसत से 233 रन बनाए। तीन C&G ट्रोफी मैचों में उन्होंने 74 रन बनाए। वहीं छह टी20 मैचों में 86 रन बनाए। 
युवराज सिंह (2003) 
साल 2003 में युवराज सिंह ने यॉर्कशायर के साथ करार किया। यॉर्कशायर के साथ करार करने वाले वह तेंडुलकर (1992) के बाद दूसरे भारतीय बने। यह युवी के करियर का उभरता हुआ दौर था और बॉलिंग फ्रैंडली कंडीशंस में अपनी बैटिंग को और धार देने के इरादे से युवी ने यॉर्कशायर का हाथ थामा था। हालांकि युवराज यहां बहुत सफल होते नजर नहीं आए। उन्होंने 12 फर्स्ट क्लास पारियों में 14.55 की औसत से रन बनाए। इसके बाद 8 नेशनल लीग मे खेलकर भी वह 21.12 के औसत तक ही पहुंच पाए। हालांकि टी20 में उनका परफॉर्मेंस शानदार रहा, यहां उन्होंने 30.80 के औसत से 154 रन बनाए। इस प्रदर्शन के बाद सहवाग की तरह युवराज को भी फिर कभी कांउटी के फिर कभी कॉल नहीं आया। 
चेतेश्वर पुजारा (2013, 2015, 2017, 2018) 
भारतीय टेस्ट टीम की नई दीवार चेतेश्वर पुजारा County क्रिकेट के नियमित सदस्य हैं। कांउटी में यह उनका चौथा सीजन होगा, वर्तमान में वह यॉर्कशायर के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने अपने कांउटी करियर की शुरुआत साल 2013 में डर्बीशायर से की। यहां पुजारा ने 6 फर्स्ट क्लास पारियों में 219 रन बनाए, जिसमें एक नाबाद शतक और 90 नॉटआउट भी शामिल था। 
2015 में यॉर्कशायर से जुड़कर उन्होंने तेंडुलकर और युवराज का अनुसरण किया। पुजारा की शानदार फॉर्म के बूते इस क्लब ने County चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया, इस दौरान पुजारा के बैट से 52.80 औसत के साथ 264 रन निकले। इसमें एक शतक और एक हाफ सेंचुरी भी उनके नाम रही।
साल 2017 में पुजारा नॉटिंगमशायर के लिए 12 पारियों में 333 रन बनाए, इस दौरान उनका औसत 27.75 रहा। इसके पुजारा ने एक शतक और एक हाफ सेंचुरी जड़ी। इस बार पुजारा एक बार फिर यॉर्कशायर में लौट रहे हैं और पुजारा तक 2 चैंपियनशिप मैचों में (2, 18, 7 और 6) कुल 33 रन बनाए हैं।  
-एजेंसी 

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