स्कूली छात्रों की ऑनलाइन क्लास अधिकतम 3 घंटे ले सकेंगे टीचर: HRD Ministry

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति के बीच स्कूल-कॉलेजों में ऑनलाइन क्लासेस जारी हैं लेकिन इसे लेकर कोई पुख्ता गाइडलाइन नहीं होने के कारण कई अभिभावक इसे लेकर काफी परेशान हैं।
दरअसल, छोटे बच्चों को घंटों ऑनलाइन पढ़ाई करना पड़ रही है जिससे उनके स्वास्थ्य पर विपरित असर हो रहा है। ऐसे में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने डिजिटल शिक्षा पर दिशा-निर्देश ‘प्रज्ञाता’ जारी किया। HRD मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ऑनलाइन माध्यम से ही इसे लांच किया।
बता दें कि ‘प्रज्ञाता” दिशा-निर्देशों के तहत ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा के 8 चरण शामिल किए गए हैं। इनमें योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, याक, असाइन, ट्रैक और सराहना शामिल हैं। मंत्रायल के मुताबिक ये सभी 8 चरण चरणबद्ध तरीके से डिजिटल शिक्षा की योजना और क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करते हैं। खास बात ये है कि इनके साथ उदाहरण भी दिए गए हैं।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. निशंक ने कहा कि ‘प्रज्ञाता’ दिशा-निर्देश विद्यार्थियों के दृष्टिकोण से विकसित किए गए हैं, जो लॉकडाउन के कारण घरों में ही मौजूद छात्रों के लिए ऑनलाइन, मिश्रित या डिजिटल शिक्षा पर केंद्रित हैं। मंत्रायल ने स्पष्ट किया कि ये दिशा-निर्देश स्कूल प्रमुखों, शिक्षक, अभिभावक, प्रशिक्षक और छात्रों सहित सभी लोगों के लिए प्रासंगिक और उपयोगी साबित होंगे।
ये हैं दिशा-निर्देश
HRD मंत्रालय द्वारा ऑनलाइन क्लासेस के संबंध में जारी निर्देशों के तहत स्कूली छात्रों के लिए अधिकतम ऑनलाइन क्लास की सीमा प्रति दिन 3 घंटे निर्धारित की गई है। नर्सरी लेवल की कक्षाओं के लिए बच्चों के माता-पिता को मार्गदर्शन दिया जाएगा और यह क्लास 30 मिनट की होगी। वहीं पहली कक्षा से 8वीं कक्षा तक के छात्रों को प्रति दिन 30-45 मिनट की अधिकतम 2 क्लासेस ली जा सकेगी। इसके अलावा 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 30-45 मिनट की 4 से अधिक क्लासेस नहीं लेने को कहा गया है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देशभर में स्कूल-कॉलेज बंद हैं और फिलहाल इनके खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे क्योंकि अभिभावक इसके लिए तैयार नहीं हैं।
जानकारी के मुताबिक स्कूलों में 24 करोड़ से अधिक बच्चे हैं और मौजूदा स्थिति में उनके सेहत पर विपरित प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में स्कूलों को ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से ही पढ़ाई जारी रखने, लेकिन अब तक पढ़ाने और सिखाने के तरीके में बदलाव करने को कहा गया है।
-एजेंसियां

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