तनावमुक्त करके मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार करती है चाय

भारत में चाय पीने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है और ये बात भी सच है दुनिया में चाय पीने वालो की संख्या बढ़ने का श्रेय भी भारत को ही जाता है।
चाय के मामले में धनी भारत में काफी तरह की चाय मिलती है। ऐसे में चाय के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है।
भारत में हर किसी के पास अपनी अलग चाय बनाने का एक अनूठा तरीका हो सकता है जैसे कि चाय में अदरक और इलायची हो, कम दूध, ज्यादा दूध।
अब एक नए अध्ययन का में यह सुझाव दिया गया है कि नियमित रूप से चाय का सेवन करना न केवल एनर्जी बूस्ट करने बल्कि तनावमुक्त, संज्ञानात्मक कौशल और मस्तिष्क के स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।
जर्नल इम्पैक्ट जर्नल्स (एलएलसी) में प्रकाशित एक अध्ययन के परिणामों के अनुसार, चाय के अलग-अलग तत्व संज्ञानात्मक क्षमताओं को बनाए रखने और संज्ञानात्मक गिरावट को रोकने में मदद करते हैं।
चाय पीने के स्वास्थ्य लाभ
चाय चाहे काली चाय हो या ग्रीन चाय या किसी और फ्लेवर की, सभी चाय में एंटीऑक्सीोडेंट्स, एंटी कैटेचिन्स और पोलीफेनॉल्स तत्व होते है जो हमारे शरीर को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।
ग्रीन टी मूत्राशय, स्तन, फेफड़े, पेट, अग्नाशय के लिए एंटीऑक्सीडेंट का काम करती है और कोलोरेक्टल कैंसर के विकास की रोकथाम में मदद करती है।
काली चाय में सबसे ज्यादा कैफीन पाया जाता है। अध्ययनों से पता चला है कि काली चाय सिगरेट के धुएं के संपर्क में आने की वजह से फेफड़ों को नुकसान पहुंचने से रक्षा करती है। यह स्ट्रोक का खतरा भी कम करती है।
चाय पीने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण से लड़ने में बहुत मदद मिलती है। थियोफिलाइन चाय में मौजूद एक यौगिक है जो मांसपेशियों को आराम देता है। यह हृदय गति के लिए भी फायदेमंद है। यह ब्लड प्रेशर में सुधार करने में भी लाभदायक है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »