टैक्स चोरों ने GST का तोड़ निकाला: फर्जी नंबर व श्रेणी बदलकर हो रही टैक्स की चोरी

नई दिल्ली। टैक्स चोरों ने GST का तोड़  निकाल लिया है। टैक्स चोरी को रोकने के लिए सरकार ने देशभर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू किया है, लेकिन टैक्स चोरों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। कई जगहों पर व्यापारी बड़े टैक्स स्लैब से बचने के लिए सामान रियायती टैक्स स्लैब में बेच रहे हैं।

जीएसटी सेल के सूत्रों की मानें तो एक व्यापारी ने महंगे जूतों पर 18 फीसदी जीएसटी से बचने के लिए जूतों की एक जोड़ी को अलग करके एक-एक जूता बेचा और दोनों जूतों का अलग बिल बनाया, क्योंकि पांच सौ रुपये से कम कीमत वाले जूतों पर सिर्फ पांच प्रतिशत टैक्स है।

इसी तरह एक कपड़ा दुकानदार ने एक जोड़ी कपड़े के सूट में से सलवार को अलग, कमीज को अलग और दुपट्टे को अलग करके बेचा और तीनों का अलग बिल बनाया, क्योंकि एक हजार रुपये से कम कीमत वाले रेडिमेड कपड़ों पर पांच प्रतिशत जीएसटी है और एक हजार रुपये से ऊपर की कीमत पर 12 प्रतिशत जीएसटी तय है।

जांच के दायरे में हैं स्लैब बदलकर टैक्स चोरी करने वाले व्यापारी

स्लैब बदलकर टैक्स चोरी करने वाले एक दर्जन व्यापारी जीएसटी सेल की रडार पर हैं, जिनके खिलाफ जांच चल रही है। 12 अप्रैल को बर्मामाइंस के महिंद्रा ट्रेडर्स पर 35 करोड़, 26 मई को जुगसलाई के कंचन एलायंस पर 8 करोड़ 57 लाख 30 हजार 51 रुपये तथा 28 मई को कृष्णा ट्रेडर्स के खिलाफ 37 लाख टैक्स चोरी का मामला बिष्टूपुर थाने में दर्ज कराया गया है।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »