नैनो प्‍लांट पर राहुल के हमले का टाटा मोटर्स ने दिया करारा जवाब

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने अपने चुनावी भाषण में साणंद (अहमदाबाद ) स्थित टाटा नैनो की फैक्ट्री के लिए गुजरात सरकार द्वारा दिए कर्ज का जिस तरह हवाला दिया और इसे गुजरातियों के टैक्स का दुरुपयोग बताया, उस पर आज टाटा मोटर्स ने पलटवार किया है, हालांकि टाटा मोटर्स ने राहुल गांधी का नाम नहीं लिया।
उसने कहा है कि गुजरात सरकार ने टाटा नैनो प्लांट के लिए अनुदान नहीं कर्ज दिया था जिसे कंपनी ने वापस भी कर दिया। कंपनी ने कहा, ‘(टाटा नैनो) प्रॉजेक्ट के स्केल और राज्य के विकास को गति देने की क्षमता के मद्देनजर गुजरात सरकार ने टाटा मोटर्स को कर्ज (न कि अनुदान) के रूप में इन्सेंटिव पैकेज दिया था जो लोन अग्रीमेंट के मुताबिक सरकार को वापस कर दिया गया।’
उल्‍लेखनीय है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात चुनाव प्रचार में एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। उन्होंने बीजेपी और पीएम मोदी पर हमला बोलने के लिए गुजरात के विकास मॉडल को लगातार निशाने पर ले रहे हैं।
‘गुजरातियों के नहीं टाटा मोटर्स के ही टैक्स से मिला लोन’
टाटा मोटर्स ने यह भी कहा कि उसे मिली लोन की रकम गुजरातियों के टैक्स की नहीं थी, बल्कि कंपनी के टैक्स की ही थी।
कंपनी ने कहा कि ‘गुजरात सरकार ने टाटा मोटर्स को कर्ज के रूप में जो रकम दी, वह टाटा मोटर्स के ही चुकाए टैक्स की थी। अब तक राज्य सरकार ने टाटा मोटर्स को 584.8 करोड़ रुपये का लोन दिया है।’ टाटा मोटर्स ने एक बयान जारी कर कहा, ‘गुजरात सरकार ने निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार किया जिससे प्रोत्साहित होकर टाटा मोटर्स ने साणंद में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया। इसे एक लीडिंग ऑटोमेटिव हब बनाने की दूरदृष्टि के साथ स्थापित किया गया ताकि भारत की समृद्धि और विकास में गुजरात अपना योगदान दे सके।’
क्या कहा था राहुल ने?
कांग्रेस उपाध्यक्ष टाटा की साणंद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का हवाला देकर गुजरात के विकास मॉडल पर लगातार हमले कर रहे हैं। उन्होंने टाटा के इस प्लांट को मेक इन इंडिया प्रॉजेक्ट बता दिया और कहा कि गुजराती टैक्सपेयर्स का पैसा राख में मिल चुका है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘प्रधानमंत्री के पसंदीदा ‘मेक इन इंडिया’ प्रॉजेक्ट मर चुका है। गुजराती टैक्सपेयरों के 33,000 करोड़ रुपये राख हो गए। इसका जिम्मेदार कौन है?’
इससे पहले, भरूच जिले के जंबुसार की रैली में भी राहुल ने भीड़ से पूछा था कि क्या इन दिनों उन्होंने सड़क पर कहीं टाटा नैनो देखा है? उन्होंने कहा, ‘(गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री) मोदीजी ने टाटा नैनो को लगभग मुफ्त में 33,000 करोड़ रुपये लोन दिया। फिर भी सड़कों पर एक भी टाटा नैनो नहीं दिखती है।’
आर्थिक गतिवधियों और विकास को बढ़ावा: टाटा मोटर्स
बहरहाल, टाटा मोटर्स ने अपने बयान में कहा कि साणंद प्लांट स्थापित होने के बाद से राज्य में आर्थिक गतिवधियों और विकास को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से बल मिला है और गुजरात भारी मात्रा में रोजगार पैदा करते हुए देश का महत्वपूर्ण ऑटो हब बन गया है। इस प्रॉजेक्ट से पूंजी निवेश को भी बढ़ावा मिला है जिसकी बदौलत लघु और मध्यम स्तर के उद्योगों में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिला।
-एजेंसी