तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खारिज

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने तहलका मैगज़ीन के संस्थापक तरुण तेजपाल की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने ऊपर चल रहे यौन हमले के मुक़दमे को रद्द करने की मांग की थी.
तरुण तेजपाल के ख़िलाफ़ उनकी जूनियर सहकर्मी ने यौन हमले का मुक़दमा दर्ज कराया है और मामला गोवा की अदालत में है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह ‘गंभीर और नैतिक रूप से काफ़ी वीभत्स अपराध’ है. सुप्रीम ने यह आदेश भी दिया कि गोवा की अदालत में इसकी सुनवाई अगले छह महीने के भीतर पूरी की जाए.
इससे पहले गोवा हाई कोर्ट ने भी तरुण तेजपाल पर चल रहे यौन हमले के मुक़दमे को रद्द करने वाली ख़ारिज कर दी थी. इसके बाद तेजपाल सुप्रीम कोर्ट गए थे और यहां भी उनके पक्ष में फ़ैसला नहीं आया.
नवंबर 2013 में गोवा के एक फ़ाइव स्टार होटल में तहलका मैगज़ीन का कार्यक्रम था. इसी कार्यक्रम के दौरान उनकी जूनियर सहकर्मी ने लिफ़्ट में यौन हमले का आरोप लगाया था. उत्तरी गोवा में मापुसा टाउन की एक अदालत में तेजपाल के ख़िलाफ़ यौन हमला और उत्पीड़न के आरोप तय हुए हैं.
आरोप लगने के बाद तरुण तेजपाल ने तत्काल तहलका मैगज़ीन के संपादक पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. उन्हें नवंबर 2013 में ही गिरफ़्तार कर लिया गया था. मई 2014 से तरुण तेजपाल बेल पर हैं. तरुण तेजपाल कहते रहे हैं कि उन्हें फंसाया गया है.
SC ने पूछा था, ‘तेजपाल बेकसूर तो माफी क्यों मांगी थी’
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल के वकील की दलील पर सख्त प्रतिक्रिया दी थी. कोर्ट ने पूछा था कि यदि उन्होंने कोई गलती नहीं की थी तो माफी क्यों मांगी?
गोवा पुलिस की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी तेजपाल के वकील की दलील का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि तेजपाल ने अपने पद का दुरुपयोग किया, महिला सहकर्मी का उत्पीड़न करने के साथ उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित भी किया गया.
बता दें कि 2013 के दिसंबर में तेजपाल पर उनकी जूनियर महिला सहकर्मी ने छेड़छाड़ और यौन शोषण का आरोप लगाया था. आरोपों के बाद तहलका के पूर्व संपादक ने माफी मांग ली थी, लेकिन भारी विरोध के बाद उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा.
-BBC

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *