तमिलनाडु: हर साल होने वाला किन्नरों का महापर्व समाप्त

चेन्नै। तमिलनाडु में हर साल होने वाला कूवअगम फेस्टिवल समाप्त हो गया है। 18 दिनों तक चलने वाले इस फेस्टिवल को किन्नरों का महापर्व भी कहा जाता है। इस मौके पर देश भर के किन्न एकत्र होते हैं। इस आयोजन में कई तरह के इवेंट्स भी होते हैं। यहां मिस कूवअगम ब्यूटी कॉन्टेस्ट का आयोजन होता है और महाभारत में भगवान कृष्ण के मोहिनी रूप की लीला भी यहां दिखाई जाती है। 
बुधवार को समाप्त हुए 18 दिनों के इस किन्नर महापर्व में कूथनदावर मंदिर के पुजारी चूड़ियां तोड़ते हैं और इस तरह किन्नर प्रतीकात्मक रूप से विधवा कहलाने लगते हैं। सोमवार को मिस कूवअगम ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने के बाद सभी किन्रर करीब 30 किलोमीटर का सफर तय करके मंगलवार को मुख्य कार्यक्रम के लिए कूवअगम गांव पहुंचे थे। 
कूथनदावर मंदिर में किन्नरों ने भगवान श्रीकृष्ण के मोहिनी रूप का प्रदर्शन किया और अर्जुन के बेटे अरावन से विवाह का प्रसंग दिखाया गया। कथा के अनुसार पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध के दौरान देवी काली ने अरावन का वध कर दिया था और वह विधवा हो गई थी। इस कार्यक्रम में किन्नर भी सफेद साड़ी पहनते हैं और कार्यक्रम के अंत में चूड़ियां तोड़ते हैं। इस साल चेन्नै के किन्नर मोबिना ने मिस कूवअगम ब्यूटी कॉन्टेस्ट में जीत हासिल की। चेन्नै की ही प्रीति ने प्रतियोगिता में दूसरा और इरोड की शुभाश्री ने तीसरा स्थान पाया। 
तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के कूवअगम गांव में होने वाला यह फेस्टिवल हर साल आयोजित होता है। यह कूथनदावर मंदिर में होता है, जो अर्जुन के पुत्र अरावन को समर्पित है। इस मौके पर देश भर से हजारों किन्नर कूवअगम में भगवान कूथनदावर से विवाह करने के लिए जुटते हैं। यह परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है। 
-एजेंसी 

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