तमिलनाडु: Jalikattu पर प्रतिबंध के खिलाफ राज्यभर में उग्र प्रदर्शन

Tamil Nadu: Angry protests across the state against ban on Jalikattu
तमिलनाडु: Jalikattu पर प्रतिबंध के खिलाफ राज्यभर में उग्र प्रदर्शन

तमिलनाडु में सांड़ों पर काबू पाने के प्राचीन और लोकप्रिय खेल Jalikattu के आयोजन और पशु अधिकार संगठन ‘पेटा’ पर प्रतिबंध की मांग कर रहे युवाओं का राज्यभर में हो रहा प्रदर्शन उग्र हो उठा है। मदुरै, चेन्नै और कोयंबटूर में हो रहा प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। उधर, प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन बढ़ता जा रहा है। चेन्नै के एसआरएम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उनके समर्थन में अपने संस्थान के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। वहीं, चेन्नै के मरीना बीच पर बुधवार को हजारों लोग इकट्ठे हो गए। इनमें अधिकतर स्टूडेंट्स और युवा हैं।
युवाओं में गुस्सा हाल ही में खत्म हुए पोंगल के त्योहार पर जलीकट्टू का आयोजन न हो पाने के लिए है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में जलीकट्टू के आयोजन पर मई 2014 में रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही लोग केंद्र सरकार से जलीकट्टू के आयोजन के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पेटा के खिलाफ लोगों की नाराजगी इसलिए है क्योंकि उसकी ही याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया था।
#WATCH: People gather in huge numbers at Chennai’s Marina Beach in support of #Jallikattu pic.twitter.com/hKvBVI2kEr
—ANI (@ANI_news) January 18, 2017
जगह-जगह प्रदर्शन
तमिलनाडु में कई स्थानों पर भी प्रदर्शन उग्र हो उठा। नमक्कल जिले में वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार करने की घोषणा की। चेन्नै में प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हजारों प्रदर्शनकारी मरीना बीच पर इकट्ठे हो गए। प्रदर्शन शांतिपूर्वक हो रहा है लेकिन किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस का इंतजाम है। राज्य के दो मंत्रियों से बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल पाने के बाद सैकड़ों कॉलेज छात्र और अन्य युवा अपनी मांग को लेकर मंगलवार रातभर मरीना बीच पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मरीना बीच की बिजली सप्लाई बंद कर देने के बावजूद रातभर मोबाइल फोन्स की रोशनी के सहारे प्रदर्शन जारी रहा।
मदुरै में इस बात की झलक देखने को मिली कि प्रदर्शनकारियों का किसी राजनीतिक दल से कोई जुड़ाव नहीं है। यहां एआईएडीएमके और डीएमके, दोनों ही पार्टियों के नेताओं को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
अलांगनाल्लुर में मंगलवार को हजारों युवकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन रातभर जारी रहा, जिस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने जलीकट्टू का आयोजन करने के लिए मशहूर इस कस्बे में जुटे प्रदर्शनकारियों को नजदीकी विवाह सभागारों में नजरबंद कर दिया था। इन गिरफ्तारियों से गुस्साए ग्रामीण अलंगनाल्लुर में सड़कों पर उतर आए। गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद फिर प्रदर्शन शुरू हो गए। अलंगनाल्लुर में सोमवार को भी लोगों ने प्रदर्शन किया था। डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष और तमिलनाडु में विपक्ष के नेता एम. के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम से प्रदर्शनकारियों से मिलने और जलीकट्टू के आयोजन के लिए तत्काल कार्यवाही करने का आग्रह किया।
राज्य सरकार ने की बातचीत
राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। राज्य में सांड़ों को काबू में करने से जुडे़ इस खेल को आयोजित करवाने की अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया है। सरकार ने युवाओं से कहा है कि वह इस मामले पर राष्ट्रपति से संपर्क करके उनसे अध्यादेश लाने की मांग करेंगे। राज्य के मछली पालन मंत्री डी जयकुमार ने मंत्रिमंडल में अपने सहयोगी के पांड्याराजन के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे युवकों के प्रतिनिधियों से मंगलवार तड़के बातचीत की। उनका कहना था कि लोकसभा में एआईएडीएमके के 50 लोकसभा और राज्यसभा सांसद जलीकट्टू के संचालन के लिए केंद्र पर आवश्यक दबाव डालेंगे। प्रदर्शनकारियों की मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम से आश्वासन की मांग पर स्कूल शिक्षा मंत्री पांड्याराजन ने कहा कि सरकार कोई मौखिक आश्वासन नहीं दे सकती है। मंत्री ने इस बात का इशारा किया कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर बयान जारी कर सकते हैं। मंत्रियों ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की।
ऐक्टर भी समर्थन में
प्रदर्शनकारियों को मशहूर ऐक्टर विजय के समर्थन से भी बल मिला है। विजय ने एक विडियो संदेश में कहा, ‘कानून लोगों से उनकी परंपराएं और अधिकार छीनने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि उसकी रक्षा के लिए। जलीकट्टू हर तमिल की पहचान है। मैं इस पर प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को सलाम करता हूं।’
अभिनेता सूर्या ने भी पेटा की आलोचना की, जो जलीकट्टू के खिलाफ अभियान चला रहा है। अभिनेता जी. वी. प्रकाश, गायक और गीतकार अरुणराजा कामराज और फिल्मकार कार्तिक सुब्बाराज भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में हैं।
-एजेंसी

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